
आगरा में प्रेमी ने HR को मारकर शव बोरे में फेंका..
HR Murder Case Agra:उत्तर प्रदेश के आगरा में एचआर मैनेजर मिंकी शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विनय राजपूत ने एकतरफा प्यार के चलते इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। चार्जशीट में डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों को शामिल कर केस को मजबूत बनाया गया है। हालांकि हत्या के कई दिन बीत जाने के बावजूद मृतका का सिर अब तक बरामद नहीं हो सका है, जो इस केस को और भी रहस्यमय बना रहा है।
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी विनय राजपूत, जो उसी कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर था, मिंकी शर्मा से एकतरफा प्रेम करता था। इसी जुनून में उसने हत्या की साजिश रची और ऑफिस के अंदर ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद उसने शव को बोरे में भरकर स्कूटर के जरिए ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया है और अदालत में उसे सजा दिलाने की तैयारी कर रही है।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया था और उससे सख्ती से पूछताछ की गई। मिंकी शर्मा का सिर बरामद करने के लिए झरना नाला क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन भी चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस का दावा है कि भले ही सिर बरामद नहीं हुआ, लेकिन उपलब्ध साक्ष्य आरोपी को दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि मिंकी शर्मा की आखिरी लोकेशन संजय प्लेस स्थित ऑफिस में दर्ज हुई थी। दोपहर करीब 3:30 बजे उनका मोबाइल फोन बंद हो गया था। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में यह भी पाया गया कि घटना वाले दिन ऑफिस बंद होने के बावजूद आरोपी की लोकेशन वहीं पाई गई, जिससे उस पर शक गहराता गया।
घटना वाले दिन मिंकी शर्मा अपने भाई की शादी के लिए खरीदारी करने के उद्देश्य से स्कूटर लेकर घर से निकली थीं। लेकिन वह वापस नहीं लौटीं। 23 जनवरी की रात को हाईवे पर जवाहर पुल के पास बोरे में एक सिर कटी लाश मिलने से सनसनी फैल गई। बाद में कपड़ों और नेल पॉलिश के आधार पर शव की पहचान मिंकी शर्मा के रूप में की गई, जो संजय प्लेस की एक निजी कंपनी में एचआर मैनेजर थीं।
जांच में सामने आया कि आरोपी विनय राजपूत ने मिंकी की हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरा और उसी के स्कूटर से भगवान टॉकीज होते हुए जवाहर पुल तक पहुंचा। वहां उसने बोरा फेंक दिया और फरार हो गया। उसने मृतका का सिर झरना नाला में फेंकने की बात कबूली, जबकि स्कूटर को शाहदरा इलाके में छोड़ दिया। पुलिस को आरोपी के मोबाइल की लोकेशन से इस पूरी घटनाक्रम की पुष्टि हुई।
पुलिस ने ऑफिस में फॉरेंसिक टीम से जांच कराई, जहां फर्श पर खून के धब्बे मिले। सैंपल लेकर जांच की गई, जो मिंकी शर्मा के खून से मेल खा गए। इसके अलावा झरना नाला तक आरोपी के जाने के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के पास मौजूद हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों ने भी आरोपी की भूमिका को पुख्ता किया है।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है, जिस पर मृतका का खून पाया गया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट भी पुलिस को मिल चुकी है। इसके अलावा कई प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने आरोपी को स्कूटर पर बोरा ले जाते हुए देखा था।
मिंकी शर्मा के शव की पहचान उनके कपड़ों और नेल पॉलिश के आधार पर की गई थी। पुलिस ने पुष्टि के लिए उनके माता-पिता के खून के नमूने लेकर डीएनए परीक्षण कराया है, जिसकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है। सिर बरामद न होने के कारण जांच में यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, विनय ने मिंकी को फोन कर ऑफिस बुलाया था और रात तक वहीं मौजूद रहा। एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों में वह स्कूटर पर बोरा ले जाते हुए कैद हुआ है। जिस स्थान पर स्कूटर छोड़ा गया, वहां भी उसकी लोकेशन ट्रेस हुई। इसके अलावा कई लोगों ने भी उसे उस दौरान देखा, जिनके बयान केस में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
Updated on:
24 Apr 2026, 11:00 AM IST
Published on:
24 Apr 2026, 11:00 AM IST
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