तूफान और भारी बारिश ने आगरा में तबाही मचाई। इस तबाही के बाद अब सामान्य हालात होते नजर आ रहे हैं, लेकिन ...
आगरा। तूफान और भारी बारिश ने आगरा में तबाही मचाई। इस तबाही के बाद अब सामान्य हालात होते नजर आ रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच लोगों का आशियाना तो उजड़ा ही, साथ ही कुछ के साथी भी भी उनसे बिछड़ गए। ऐसी ही कहानी है ज्योति की। 11 वर्षीय मासूम ज्योति ने तूफान के इस मंजर में अपनी एक सहेली को खो दिया। शायद इस मासूम को ये नहीं पता, कि अब वो कभी नहीं मिलेगी, लेकिन जो भी हुआ, उससे ये मासूम सहमी हुई है। पत्रिका टीम जब ब्लाॅक सैंया के गांव कुकावर में पहुंची, तो यहां इस मासूम बालिका से बात हुई।
रोज जो खेलते थे साथ, अब कैसे मिलेगा उनका साथ
गांव कुकावर के रहने वाले सतीश कुशवाह की 9 वर्षीय पुत्री ज्योति कक्षा 4 की छात्रा है। उसके पड़ोस में 2 मई की रात को उसकी सहेली के घर बड़ा हादसा हुआ। इस हादसे में सहेली के साथ उसके तीन भाई भी मौत के मुंह में समा गए। पत्रिका टीम ने जब ज्योति से बात की, तो उसने बताया कि पड़ोस की रहने वाली तनु पुत्री राजवीर उसकी घनिष्ठ सहेली थी। रोज रात को साथ खेलते थे और स्कूल भी साथ जाते थे। तनु के साथ उसके भाई अंकित और भोला की भी मौत हो गई है।
तो शायद बच जाती जान
तनु ने बताया कि जिस रात तूफान आया था, तो उस रात भी आंधी को लेकर बच्चे जमकर हू हल्ला मचा रहे थे। छत पर तनू सो रही थी, आवाज सुनकर वो जाग गई, बस घर से निकलकर बाहर नहीं आई। ज्योति के पिता सतीश कुशवाह ने बताया कि इसके बाद जो हुआ, तो दिल दहला देने वाला था। भरभराकर राजवीर के घर की दीवार गिरी। तेज धमाके से सभी सहम गए। छत पर मौजूद परिवार के सभी सदस्य मलबे में दब गए। ग्रामीण एकाएक राहत कार्य के लिए राजवीर के घर की ओर दौड़ पड़े। चार मासूम बच्चों की तो मौके पर ही मौत हो गई।