आगरा

Good News: शाहजहां के उर्स पर ताजमहल का दीदार होगा मुफ्त, तीन दिन बिना टिकट मिलेगा प्रवेश का मौका

Taj Mahal Free Entry : प्रेम की अमर निशानी ताजमहल देखने वालों के लिए खुशखबरी है। मुगल बादशाह शाहजहां के तीन दिवसीय उर्स के अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने ताजमहल में प्रवेश शुल्क माफ करने का फैसला लिया है। तय तारीखों में पर्यटक बिना टिकट ऐतिहासिक धरोहर का दीदार कर सकेंगे।

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Jan 09, 2026
ताजमहल प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Good News Taj Mahal Free Entry: दुनिया के सात अजूबों में शुमार और प्रेम की अमर निशानी ताजमहल को देखने का सपना हर पर्यटक देखता है। इसी बीच देश-विदेश से आगरा आने वाले सैलानियों के लिए एक बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। मुगल बादशाह शाहजहां के तीन दिवसीय वार्षिक उर्स के अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने ताजमहल में प्रवेश शुल्क पूरी तरह माफ करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस निर्णय के तहत आगामी 15, 16 और 17 जनवरी 2026 को तय समयावधि में पर्यटक बिना किसी टिकट के ताजमहल का दीदार कर सकेंगे।

यह निर्णय न केवल आम लोगों के लिए आर्थिक राहत लेकर आया है, बल्कि आगरा के पर्यटन उद्योग के लिए भी इसे एक बड़ा सकारात्मक कदम माना जा रहा है। हर वर्ष उर्स के मौके पर देश-विदेश से लाखों जायरीन और पर्यटक आगरा पहुंचते हैं, जिससे शहर की रौनक कई गुना बढ़ जाती है।

क्या है शाहजहां का उर्स

शाहजहां का उर्स हर साल इस्लामिक परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है। उर्स का अर्थ होता है-किसी महान व्यक्ति की पुण्यतिथि। मुगल सम्राट शाहजहां, जिन्होंने अपनी बेगम मुमताज़ महल की याद में ताजमहल का निर्माण कराया था, उनकी याद में यह उर्स तीन दिनों तक श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है। इस दौरान ताजमहल परिसर में विशेष धार्मिक और पारंपरिक रस्में निभाई जाती हैं।

फ्री एंट्री का पूरा शेड्यूल

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उर्स के तीनों दिनों में ताजमहल में मुफ्त प्रवेश का समय अलग-अलग निर्धारित किया गया है:

  • 15 जनवरी 2026 (गुरुवार): दोपहर 2:00 बजे से सूर्यास्त तक प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
  • 16 जनवरी 2026 (शुक्रवार): दोपहर 2:00 बजे से सूर्यास्त तक पर्यटक बिना टिकट प्रवेश कर सकेंगे।
  • 17 जनवरी 2026 (शनिवार): सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूरा दिन ताजमहल में प्रवेश पूर्णतः मुक्त रहेगा। एएसआई अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समय से पहले या बाद में सामान्य नियमों के अनुसार टिकट व्यवस्था लागू रहेगी।

टिकट काउंटर रहेंगे पूरी तरह बंद

अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिता एस. कुमार द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इन तीन दिनों के दौरान, निर्धारित समयावधि में ताजमहल के सभी टिकट काउंटर बंद रहेंगे। पर्यटकों को न तो ऑनलाइन टिकट बुक करने की आवश्यकता होगी और न ही ऑफ लाइन टिकट खरीदने की। सीधे सुरक्षा जांच के बाद परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि, सुरक्षा नियमों और प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर सख्ती पहले की तरह जारी रहेगी।

उर्स की पारंपरिक रस्में

शाहजहां के उर्स के दौरान ताजमहल में कई पारंपरिक रस्में निभाई जाती हैं, जो इस आयोजन को विशेष बनाती हैं।

  • सतरंगी चादर चढ़ाने की रस्म: उर्स के मुख्य दिन शाहजहां और मुमताज महल की मजार पर पारंपरिक सतरंगी चादर चढ़ाई जाती है। यह रस्म भाईचारे, प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है।
  • कुरान ख्वानी और दुआएं: उर्स के दौरान विशेष दुआएं और कुरान ख्वानी का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में जायरीन शामिल होते हैं।

पर्यटकों और स्थानीय कारोबार को बड़ा फायदा

ताजमहल में प्रवेश शुल्क माफ किए जाने से सबसे अधिक लाभ आम पर्यटकों को मिलेगा। सामान्य दिनों में ताजमहल का टिकट शुल्क भारतीय और विदेशी पर्यटकों के लिए अलग-अलग होता है, जो कई परिवारों के बजट पर असर डालता है। मुफ्त प्रवेश से अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक धरोहर को देखने के लिए प्रेरित होंगे।

इसके साथ ही आगरा के स्थानीय पर्यटन व्यवसाय, जैसे होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, गाइड, हस्तशिल्प विक्रेता और टैक्सी सेवाओं को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। व्यापारियों का मानना है कि इन तीन दिनों में आगरा में पर्यटकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए एएसआई और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। ताजमहल परिसर और उसके आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों, मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा जांच के जरिए भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ ताजमहल की मर्यादा और सुरक्षा बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से पर्यटकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें, धैर्य बनाए रखें और ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा को ठेस न पहुंचाएं ।

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