हाईकोर्ट पहुंचा वरिष्ठ अधिवक्ता महताब सिंह को 10 घंटे घर में नजरबंद करने का मामला पुलिस के गले की फांस बन गया है। डीसीपी सिटी को हाईकोर्ट में मंगलवार को हाजिर होना है। प्रयागराज के लिए रवाना होने से पहले वह दो दरोगाओं को निलंबित करके गए हैं। डीसीपी सिटी के साथ एसीपी हरीपर्वत भी प्रयागराज गए हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस कमिश्नर से जवाब मांगा था। साथ ही आदेश करने वाले डीसीपी को तलब किया था।
वरिष्ठ अधिवक्ता महताब सिंह ने 10 घंटे घर में नजरबंद करने के संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आरोप लगाया था कि प्रयागराज से प्रशासनिक जज आगरा आए थे। उन्हें दीवानी में भ्रमण करना था, इसलिए पुलिस ने उन्हें घर में नजरबंद कर दिया। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यह काफी दुखद है कि वकालत कर रहे एक अधिवक्ता को अदालत जाने से रोका गया।
याची अधिवक्ता का कहना था कि 15 नवंबर 2024 को उन्हें 10 घंटे तक घर में ही बंद रखा गया और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 168 का नोटिस दिया गया। हाईकोर्ट ने इस मामले में जिला जज आगरा से रिपोर्ट मांगी थी। जिला जज आगरा ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि उनको इस मामले की जानकारी नहीं है और न ही पुलिस ने उनसे कोई अनुमति ली थी। कोर्ट ने ऐसा आदेश जारी करने वाले डिप्टी पुलिस कमिश्नर को भी अगली सुनवाई पर अदालत में हाजिर रहने के निर्देश दिए थे।
वरिष्ठ अधिवक्ता महताब सिंह मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार और एसीपी हरीपर्वत आदित्य सोमवार को प्रयागराज के लिए रवाना हुए। जाने से पहले डीसीपी सिटी ने पूरे प्रकरण की जानकारी जुटाई। जानकारी के बाद न्यू आगरा थाने की दयालबाग चौकी पर तैनात प्रशिक्षु दरोगा रोहित और राहुल तोमर को निलंबित किया है। दोनों दरोगा का कहना है कि उन्हें तो नोटिस देकर तामील कराने के लिए भेजा गया था। उन्होंने किसी को नजरबंद नहीं किया।