आगरा

एक साथ उठीं तीन अर्थियां, महिलाओं की चीत्कार और बच्चों की सिसकियों से सभी की आंखें भर आईं, नहीं जले चूल्हे

आगरा शहर का माहौल उस समय गमगीन हो गया, जब माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन में मारे गए 4 श्रद्धालुओं के पार्थिव शरीर घर पहुंचे। छीपीटोला के कुम्हारपाड़ा से एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो वहां मौजूद हर शख्स की आंख नम हो गई। चौथा शव शाहगंज के प्रकाश नगर में पहुंचा। मृतकों के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था और उनके मोहल्लों में चूल्हे तक नहीं जले।

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Aug 31, 2025
माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन की चपेट में आए आगरा के चार लोगों के शव शनिवार शाम को उनके घरों पर पहुंचे। Photo: IANS

जूता कारीगर अर्जुन सिंह अपनी पोती सेंजल का मुंडन कराने पूरे परिवार के साथ वैष्‍णो देवी गए थे। लेकिन लौटते समय उनका परिवार भूस्खलन की चपेट में आ गया। इस दर्दनाक हादसे में अर्जुन सिंह, उनकी पत्नी सुनीता देवी, पोती सेंजल और बेटे दीपक की साली भावना की मौत हो गई। तीन दिन के लंबे इंतजार के बाद शनिवार शाम को शव जैसे ही एंबुलेंस से मोहल्ले में पहुंचे, सैकड़ों लोग उमड़ पड़े। महिलाओं की चीखें और बच्चों की सिसकियों से पूरा इलाका सहम गया।

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सड़क पर उमड़ा जनसैलाब, जाम में फंसे वाहन

सड़क पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे यातायात बाधित हो गया। एंबुलेंस से शवों को उतरते देख परिजनों और महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर सभी की आंखें भर आईं। बेटे दीपक, बहू मोना और बेटी जैस्मिन का हाल देख कोई भी खुद को रोक नहीं पा रहा था।

गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

शाम करीब सवा छह बजे शवों को ताजगंज मोक्षधाम ले जाया गया। बेटे दीपक ने कांपते हाथों और डबडबाई आंखों से अपने माता-पिता का अंतिम संस्कार किया। धार्मिक परंपरा अनुसार सेंजल और भावना का भी अंतिम संस्कार किया गया। विधायक डॉ. जीएस धर्मेश और भीम आर्मी के सदस्य मौके पर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की।

अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रही मोना

परिवार के लिए यह हादसा यहीं खत्म नहीं हुआ। दीपक की पत्नी मोना अभी जम्मू के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। रिश्तेदार प्रमोद ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह पर मोना को वहीं रखा गया है। परिवार के दो सदस्य उसकी देखभाल में जुटे हैं। सभी को उसकी सलामती का इंतजार है।

Published on:
31 Aug 2025 09:58 am
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