व्यापारियों में उर्वक पर एसीटीएन कर लगाए जाने से आक्रोश, आंदोलन की दी चेतावनी।
आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यूरिया पर लगाया गया अतिरिक्त कर एसीटीएन से व्यापार चौपट हो रहा है। केवल उत्तर प्रदेश में ही ये टैक्स लगाया गया है। नेशनल चैम्बर इस कर को शीघ्र हटाने की मांग करेगा। यदि कर नहीं हटा तो उत्तर प्रदेश में आगरा से आंदोलन की शुरुआत होगी। उर्वरक पर से ई-वे बिल हटाने की मांग की जाएगी। इस कर से व्यापारियों को व्यवहारिक कठिनाई का समाना करना पड़ रहा है।शीघ्र इन मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से चैम्बर का प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा।
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बैठक का आयोजन
चैम्बर भवन में ट्रेड डवलपमेन्ट प्रकोष्ठ के चेयरमैन एवं पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित हुई। उसमें उर्वरक, सीमेन्ट, कीटनाशक दवाओं एवं बीज विक्रेता शामिल हुए। सबसे पहले वक्ताओं ने यूरिया खाद पर प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गई एसीटीएन कर पर चिन्ता एवं रोष प्रकट किया गया, क्योंकि इस कर से करीब 30/- रुपये प्रति कट्टा अतिरिक्त भार बढ़ गया है। अतः यहां पर व्यापार पर प्रतिकूल असर हो रहा है। जब जीएसटी लग रहा है, तो एसीटीएन की क्या आवश्यकता है।
ये रहे मौजूद
बैठक की अध्यक्षता पूर्व अध्यक्ष एवं ट्रेड डवलपमेन्ट प्रकोष्ठ के चेयरमैन मनीष अग्रवाल ने की, बैठक में अध्यक्ष राजीव तिवारी, उपाध्यक्ष मुरारी लाल गोयल, सुरेन्द्र नाथ गुप्ता, अतुल बंसल, मुकेश अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, महेश वाष्र्णेय, राजेश अग्रवाल , रवि विशाल, राजीव गुप्ता, संजय जैन, नितिन अग्रवाल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
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