आगरा

ऐसा क्या हुआ कि एक ही चैंबर में 10 वर्ष तक साथ काम करने वाले ने ही कर दी दरवेश यादव की हत्या

हत्या दरवेश शर्मा के साथ दस वर्ष तक ऑफिस में काम करने वाले अधिवक्ता ने की है। आरोपी ने खुद को भी गोली मार ली, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
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Updated: 12 Jun 2019, 8:33 PM IST
Darvesh Yadav
ऐसा क्या हुआ कि एक ही चैंबर में 10 वर्ष तक साथ काम करने वाले ने ही कर दी दरवेश यादव की हत्या

आगरा। ताजनगरी में दिन दहाड़े बड़ी वारदात हुई है। दीवानी परिसर में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अध्‍यक्ष दरवेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। दरवेश को तीन गोली मारी गईं। हत्या दरवेश यादव के साथ दस वर्ष तक एक ही चैंबर में काम करने वाले अधिवक्ता ने की है। आरोपी ने खुद को भी गोली मार ली, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

क्या है मामला

मामला थाना न्यू आगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत दीवानी परिसर का है। दरअसल बुधवार को दरवेश यादव का स्वागत समारोह था। वह अध्यक्ष बनने पर स्वागत समारोह के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मिश्रा के चैम्बर में बैठी थीं। इसी दौरान पूर्व सहयोगी अधिवक्ता मनीष शर्मा ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से यूपी बार कौंसिल की अध्यक्ष को तीन गोली मारी दी। इसके बाद मनीष शर्मा ने खुद को भी दो गोली मार ली। गोली चलने से दीवानी परिसर में अफरा तफरी फैल गई।

वारदात की सूचना मिलते ही एसपी सिटी प्रशांत कुमार पुलिस फोर्स के साथ दीवानी पहुंचे। इसके बाद मनीष शर्मा को सिकंदरा हाईवे स्थित रेनबो अस्पताल में भर्ती कराया गया है और दरवेश को पुष्पांजलि नर्सिंग होम में। जहां डॉक्टरों ने दरवेश को मृत घोषित कर दिया है। वहीं नाजुक हालत के चलते देर शाम आरोपी अधिवक्ता मनीष शर्मा को मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया है। एडीजी अजय आनंद समेत अन्य अधिकारी और वरिष्ठ अधिवक्ता मौके पर पहुंचे। हत्या के कारणों का अभी पता नहीं लग सका है।

विवाद सुलझाने के लिए बुलाया था

चर्चा है कि बार कौंसिल अध्यक्ष दरवेश सिंह और उनके साथी अधिवक्ता मनीष शर्मा के बीच दो माह से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत करने के लिए वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अरविंद मिश्रा के चैंबर में मनीष को बुलाया गया था। बातचीत के दौरान दरवेश और मनीष में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा की मनीष ने दरवेश को तीन गोली मार दीं।

वर्जन-

‘उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अध्यक्ष दरवेश यादव की उनके सहयोगी मनीष शर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान गोलीमार हत्या कर दी। उन्हें 3 गोलियां मारीं, उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है।‘

अजय आनंद, एडीजी

50 लाख रुपए आर्थिक सहायता की मांग

दरवेश यादव की हत्याकाण्ड की उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने कड़ी निंदा की है। यूपी सरकार से मृतक अध्यक्ष के परिवार के लिए सुरक्षा के साथ ही न्यूनतम 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मुहैया कराने की मांग की गई है।

दो दिन पहले ही बनी थीं अध्यक्ष

बता दें कि दो दिन पहले ही दरवेश यादव उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। यूपी बार काउंसिल के इतिहास में वे पहली महिला अध्यक्ष बनी थीं। यूपी बार काउंसिल का चुनाव रविवार को प्रयागराज में हुआ था। दरवेश सिंह और हरिशंकर सिंह को बराबर 12-12 वोट मिले। दरवेश सिंह के नाम एक रिकॉर्ड यह भी है कि बार काउंसिल के 24 सदस्यों में वे अकेली महिला हैं। चुनाव मैदान में कुल 298 प्रत्याशी थे।

कौन हैं दरवेश सिंह
दरवेश सिंह मूल रूप से एटा की रहने वाली हैं। 2016 में वे बार काउंसिल की उपाध्यक्ष और 2017 में कर्यकारी अध्यक्ष रह चुकी हैं। वे पहली बार 2012 में सदस्य पद पर विजयी हुई थीं। तभी से बार काउंसिल में सक्रिय रहीं। उन्होंने आगरा कॉलेज से विधि स्नातक की डिग्री हासिल की। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा विश्वविद्यालय) से एलएलएम किया। उन्होंने 2004 में वकालत शुरू की।

Updated on:
12 Jun 2019, 8:33 PM IST
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