थाना सिकन्दरा की इमारत पुरातत्व अधिनियमों को ताक पर रखकर बनाई गई है।
आगरा। थाना सिकन्दरा की इमारत पुरातत्व अधिनियमों को ताक पर रखकर बनाई गई है। इस मामले में एएसआई द्वारा इसी थाने में मार्च 2017 में मुकदमा कायम कराया था, पुलिस ने बिल्डिंग का निर्माण नहीं रोका और इस निर्माण को पूरा करा दिया गया। खास बात ये रही कि अवैध रूप से बनी थाने की इस नई इमारत का उद्घाटन पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने फीता काटकर किया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से थाने के निर्माण को कोई अनुमति नहीं ली गई थी। अब इस पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटक रही है। ढहाने के लिए एएसआई महानिदेशक को पत्र भेजा है। अनुमति मिलने के बाद कार्रवाई की तैयारी है।
यहां का मामल
एनएच-2 को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा सिक्स लेन करने का काम लंबे समय से चल रहा है। इसकी जद में आने पर सिकंदरा थाना की पुरानी इमारत को तोड़कर नया भवन बनाया गया है। यह एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक सिकंदरा की चाहरदीवारी के नजदीक बनाया गया है। एएसआई के नियमों के अनुसार स्मारक के नजदीक निर्माण नहीं हो सकता। इस मामले में एएसआई ने थाना सिकंदरा में ही मार्च, 2017 में अवैध निर्माण की एफआईआर कराई थी। उसके बाद कई नोटिस भेजे गए, मगर पुलिस ने संज्ञान नहीं लिया।
नहीं दिया नोटिस का जवाब
एएसआई के महानिदेशक कार्यालय, दिल्ली से आए नोटिस का भी जवाब नहीं दिया गया। इसके ध्वस्तीकरण के लिए पिछले महीने ही महानिदेशक उषा शर्मा को एएसआई के सर्किल ऑफिस से पत्र भेज दिया गया था। अवैध निर्माण की श्रेणी में आने वाले सिकंदरा थाने का रविवार को आगरा आए डीजीपी ओपी सिंह ने उद्घाटन किया। एएसआई द्वारा इस अवैध निर्माण की जानकारी पूर्व में ही प्रशासन को दे दी गई थी।
ये बोले पुरातत्वविद
अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. भुवन विक्रम ने बताया कि सिकंदरा थाने का निर्माण नियमविरुद्ध है। महानिदेशक को इसके ध्वस्तीकरण के लिए पत्र भेजा जा चुका है। उनके आदेश का इंतजार किया जा रहा है।