आगरा

Gold import Duty बढ़ाने के विरोध में उतरी उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन, सरकार को दी चेतावनी

उप्र सर्राफा एसोसिएशन ने सोने व चांदी पर आयात शुल्क 10 से 12.5 प्रतिशत होने पर जताया रोष, मांग न मानने पर होगा आंदोलन

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Jul 09, 2019
UP Sarafa Association

आगरा। सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ने से राजस्व नहीं बल्कि तस्करी बढ़ेगी। इसका उदाहरण है 6 फीसद आयात शुल्क से समय सोने की खपत 800 किलो से आज 50 किलो का होना। आखिर यह 750 किलो का अंतर कहां खप रहा है। यह बात उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा सोने व चांदी पर आयात शुल्क 10 से 12.5 प्रतिशत बढ़ाने के विरोध में आयोजित बैठक में की गई। साथ ही ऐलान किया कि सरकार ने मांग न मांगी तो आंदोलन किया जाएगा।

यहां हुई बैठक
वॉटर वर्क्स स्थित अतिथि वन में आयोजित बैठक में उप्र सर्राफा एसोसिएशन के मंडल संयोजक नितेश अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के सभी शहरों में प्रेस वार्ता कर आज सरकार से आयात शुल्क ढाई प्रतिशत बढ़ाने के बजाय 7 से 8 फीसद लाने की मांग की गई है। विभिन्न संस्थाओं व एसोसिएशन द्वारा सरकार तक हम अपनी मांग पहुंचा रहे हैं। आयात शुल्क बढ़ने से राजस्व नहीं बल्कि तस्करी बढ़ेगी। चोरी से देश में पहुंचे सोने पर न तो सरकार को आयात शुल्क मिलता है और न ही जीएसटी। देश में प्रतिवर्ष लगभग 250 टन (80,000 करोड़) का सोना तस्करी से आता है, जिससे राजस्व का 15.5 फीसदी की दर से लगभग 12,400 करोड़ का नुकसान होगा। साथ ही ब्लैक मनी, आतंकवाद को भी बढ़ावा मिलेगा।

ये बोले संयुक्त महामंत्री
संयुक्त महामंत्री अजय अवागढ़ ने बताया कि जब सोने पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत था तब शहर में लगभग 800 किलो सोने की खपत थी। आयात शुल्क 10 फीसद होने से यह खपत मात्र 50 किलो में सिमट गई। आखिर यह 750 किलो के अन्तर की पूर्ति कहां से हो रही है। या फिर लोगों ने सोना खरीदना बंद कर दिया। यदि अब आयात शुल्क बढ़ा तो यह खपत और भी कम हो जाएगी। जिसका असर ईमानदारी से काम कर रहे स्वर्णकारों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। बात नहीं मानी गई को स्वर्णकार सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर मुख्य रूप से आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष पीएन अग्रवाल, आगरा महानगर संयोजक राजू मेहरा, महानगर सहसंयोजक अशोक कुमार अग्रवाल, कुलभूषण गुप्ता (राम भाई), धीरज वर्मा, सुनील वर्मा, स्वदेश वर्मा, प्रशान्त अग्रवाल, अनुराग गर्ग, उमेश वर्मा आदि मौजूद थे।

आयात शुल्क बढ़ने के नुकसान

-चोरी के सोने की कीमत कम होने से ईमानदारी से काम कर रहे लोगों पर टैक्स के कारण कीमत अधिक होने से ग्राहकों की विश्वसनियता कम हो जाती है।

-ग्राहक कीमत अधिक होने पर खरा सोना या ठगे जाने के अंतर को समझ नहीं पाता।

-आयात शुल्क बढ़ने से तस्करी बढ़ेगी, जिससे काला धन, भ्रष्टाचार और आतंकवाद को बढ़ावा मिलेगा।

-ईमानदारी के काम कर रहे स्वर्णकारों को नुकसान होगा और चोरी से काम कर रहे लोग राजस्व को चूना लगाएंगे।

Updated on:
09 Jul 2019 07:49 pm
Published on:
09 Jul 2019 07:46 pm
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