-अचानक 20 फीट बढ़ा चंबल नदी में पानी, पानी बाढ़ से दर्जनों गांव होंगे प्रभावित। -ग्रामीणों ने चंबल के बीहड़ में जाना किया बंद
आगरा। जनपद के पिनाहट, बाह, जैतपुर क्षेत्र से सटी चंबल नदी में अचानक 20 फीट पानी बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बसे दर्जनों गांव के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों पर अपनी जगह बनाना शुरू कर दिया है ताकि चंबल में बाढ़ आने से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा जा सके, जानकारी के अनुसार चंबल नदी में राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के चलते 20 फीट पानी अचानक बढ़ गया है वहीं सूत्रों की मानें तो कोटा बैराज से भी कुछ मात्रा में पानी ओवरफ्लो छोड़ा गया है, जिस कारण चंबल के पानी का जलस्तर 24 घंटे से लगातार बढ़ रहा है।
मध्य प्रदेश में बारिश के चलते पार्वती नदी का पानी चंबल नदी में आ जाने एवं कोटा बैराज से भी पानी छोड़े जाने से चंबल में बाढ़ और बढ़ सकती है, वहीं वनकर्मियों के मुताबिक उन्हें चंबल में बाढ़ आने की कोई सूचना नहीं दी गई है। न ही प्रशासन द्वारा कोई अलर्ट जारी किया गया है, लगातार जल स्तर बढ़ने से वनकर्मियों का कहना है चंबल नदी में करीब 20 फीट पानी तो बढ़ गया है मगर कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने की कोई सूचना नहीं है। इतना जरूर कहा जा सकता है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के चलते चंबल में बाढ़ आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
चंबल किनारे बसे तटवर्ती इलाकों के गांव रेहा, कछियारा, डोंगरा, बीच का पुरा क्योरी, उमरेठापुरा, जेबरा, खिल्ली कछियारा, रानीपुरा, भटपुरा, भगवानपुरा, शिवलाल का पुरा, डाल का पुरा, झरना पुरा, मऊ की मढैया, गुड़ा, गोहरा आज प्रभावित होंगे। इन गांव के लोगों ने चंबल में बढ़ते जलस्तर को लेकर अपने पशुओं को लेकर जंगल में जाना बंद कर दिया है। वही चंबल में बाढ़ के खतरे को देखते हुए ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की तलाश करने लगे हैं। अगर चंबल में बाढ़ आती है तो ग्रामीण जल्द ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें वहीं वहीं प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं।