तीन दिन से परेशान कर रहा है प्रदूषण और मौसम, धूल से फूली सांस
आगरा। मौसम का रुख हर पल बदलता है। मानसून की बारिश से कर्नाटक जैसे राज्य में बाढ़ कहर बरपा रही है तो पहाड़ों पर धुंध छाई हैं। वहीं आगरा में आसमान से आग बरस रही है तो सांस लेना भी दुश्वार हो रहा है। पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान से उठने वाले धूल के बवंडर ने आगरावासियों को भी परेशान कर दिया है। दिन और रात के तापमान में पांच डिग्री का अंतर रह गया है। वहीं गर्म हवाएं शरीर में नस्तर चुभो रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अभी तापमान से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। आने वाले दो से लेकर तीन दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावनाएं हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून आने में वक्त है।
नहीं मिलेगी अभी राहत
मौसम विशेषज्ञ डॉ.सत्येंद्र पाल सिंह का कहना है कि माना जा रहा है 20 जून तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की जाएगी। पिछले 36 घंटे से दिन और रात में गर्म हवाएं चल रही हैं, जिसका कारण पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के क्षेत्र से धूल के गुबार का उठना है। आसमान में धूल की चादर से आगरा में सीओपीडी और अस्थमा के मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। सुबह के समय टहलने वाले स्थानों पर लोगों की संख्या कम हो रही है। धूल के कारण लोगों को सांस लेने में समस्या आ रही है, लोगों की सांस फूलने लगी है। अभी ऐसा तीन दिन और रहने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
बढ़ा दी मरीजों की समस्या
धूल और धुंध ने मरीजों की संख्या बढ़ाई है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सक डॉ. वीके सिंह का कहना है कि मास्क का प्रयोग करें। सुबह के समय पॉर्क में टहलें, खुली सड़कों पर टहलने से बचे। अस्थमा के मरीजों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे स्थान पर ना जाए जहां निर्माण कार्य चल रहा हो। इस मौसम में अस्थमा, सीओपीडी और सांस की समस्या से परेशान लोगों की सांस उखड़ सकती है। ऐसे में एहितियात बरतने की आवश्यकता है।