आगरा

World population day 2019: यदि ऐसे ही बढ़ती रही जनसंख्या, तो परिणाम होगें गंभीर, ये आंकड़े सोचने पर कर देंगे मजबूर…

11 July को विश्व जनसंख्या दिवस 2019 पर आवश्यकता है, बढ़ती जनसंख्या पर विचार करने की।

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Jul 10, 2019
World population day 2019

आगरा। Word population day 2019 विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को बढ़ती जनसंख्या के खतरों से अवगत कराने के लिए मनाया जाता है। ये दिवस भविष्य की चिंता करने का है कि यदि जनसंख्या इसी तरह बढ़ती रही, तो क्या होगा? वर्तमान स्थिति को देखा जाए, तो आज भी रोजगार के लिए मारामारी है। अब ऐसे में भविष्य क्या परिणाम लेकर आएगा, ये सोचने का विषय है।

ये हैं आंकड़े
Word population day पर हम आपको बता रहे हैं कुछ जिलों के रोचक आकड़े। आपको शायद ही इस बारे में जानकारी हो। वर्ष 2011 के अनुसार आगरा महानगर की जनसंख्या 17,46,467 आगरा जिले की आबादी 44,18,797 जनसंख्या की दृष्टि से आगरा का देश में 41वां स्थान है।जनसंख्या की दृष्टि से से आगरा का यूपी में 11वां नम्बर है। 2011 में आगरा की कुल जनसंख्या 44, 18, 797 पहुंच गई। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम विकास संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. वेद त्रिपाठी ने बताया कि अब अगली जनगणना 2021 में होगी। हर बार 10 वर्ष पर जो जनसंख्या के आंकड़े एकत्र किए गए, उसके अनुसान लगभग 31 फीसद की वृद्धि हुई। वर्ष 2019 में यदि इसी हिसाब से वृद्धि होती है, तो स्थिती बेहद गंभीर होगी।

आगरा जिले की आबादी कुछ इस तरह से बढ़ी

























वर्षकुल आबादी
1.199127,52,100
2.200136,21,702
3.201144,18,797

11 जुलाई से शुरू होगा परिवार नियोजन पखवाड़ा
विश्व जनसंख्या दिवस के साथ 11 से 24 जुलाई तक परिवार नियोजन पखवाड़ा चलाया जाएगा। सरकार की ओर से पखवाड़े की थीम 'परिवार नियोजन से निभाएं जिम्मेदारी, मां और बच्चे के स्वास्थ्य की पूरी तैयारी' रखी गई है। सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने कहा कि जब मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रहेंगे तभी हम किसी परिवार से परिवार नियोजन की बात कर सकेंगे। पखवाड़े के दौरान शिविर लगाकर लाभार्थियों को परिवार नियोजन की सुविधाएं दी जाएंगी।

परिवार नियोजन पर दें ध्यान
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा ने बताया कि परिवार नियोजन करना चाहिए। हो ये रहा है कि जो बच्चे पाल सकते हैं, वे कम कर रहे हैं और जो नहीं पाल सकते हैं, वे लाइन लगाए जा रहे हैं। इससे असमानता, गरीबी बढ़ रही है। स्वास्थ्य के प्रति खतरे बढ़ रहे हैं। जनसंख्या बढ़ाने के चक्कर में महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। अगर यही गति रही तो रहने के लिए स्थान नहीं मिलेगा।

Published on:
10 Jul 2019 01:37 pm
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