राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस के एमपीएस के छात्रों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
आगरा। सिकंदरा स्थित डॉ. एमपीएसग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस में राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई के अन्तर्गत बाल विवाह की रोकथाम, हिंसा विषयक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला यूनिसेफ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस के एमपीएस के छात्रों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
हुआ शुभारम्भ
संगोष्ठी का शुभारम्भ डॉ. एमपीएस ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस के चैयरपर्सन स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह, डीएसपी मोहम्मद मोहसिन खान, राष्ट्रीय सेवा योजना के विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ. रामवीर सिंह चैहान एवं अन्य उच्च पदाधिकारियों ने किया। तत्पश्चात् संस्थान के एनएसएस छात्रों ने संगोष्ठी के लिये अपना पंजीकरण कराना आरंभ किया। छात्रों के अलावा संस्थान के शिक्षक-शिक्षिकाऐं एवं अन्य सदस्यों ने भी पंजीकरण कराया।
किया गया जागरुक
इस कार्यशाला में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को ***** भेद एवं महिला हिंसा के प्रति जागरुकता लाने के लिए प्रशिक्षित किया गया। डॉ. एमपीएस ग्रुप के चैयरपर्सन स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह ने कहा कि बेटियां समाज की रीढ़ हैं एवं 2 परिवारों को जोड़ने का काम करती हैं। स्वस्थ समाज तभी बन सकता है जब महिलाओं को सम्मान मिले। उन्होंने बताया कि समाज में ***** असमानता व हिंसा को रोकने के लिए पहले हमें स्वयं जागरुक होना पड़ेगा।
परिर्वतन की जरूरत
विशिष्ट अतिथि डीएसपी मो. मोहसिन खान ने कहा कि आज मानसिक परिर्वतन लाने की आवश्यकता है। बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाज से हटाने में युवा बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं। उन्होंने पाकसो कानून की जानकारी भी स्वयंसेवकों से साझा की। उन्होंने आश्वस्त भी किया कि पुलिस प्रशासन सदैव ही नागरिकों के लिए उपलब्ध है एवं पूर्ण सहयोग मिलता रहा है एवं भविष्य में भी मिलता रहेगा।
अच्छा चरित्र विकसित करें
राष्ट्रीय सेवा योजना के विश्वविद्यालय समन्वयक डा. रामवीर सिंह चैहान ने कहा कि हमारे अन्दर एक अच्छा चरित्र विकसित होगा तो असमानता स्वयं समाप्त हो जायेगी। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ के सहयोग द्वारा आयोजित यह कार्यशाला कुछ ही संस्थानों में आयोजित की जा रही है, जिसमें डॉ. एमपीएस काॅलेज शुमार है। संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव रतन एवं डीन डॉ. एके गोयल ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए छात्र कल्याण, महिला हिंसा, बाल विवाह, महिला सशक्तिकरण आदि विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन प्रबल प्रताप ने किया। कार्यशाला में प्राचार्य डॉ. उदित जैन, डीन काॅरपोरेट पियूष अग्रवाल, डॉ. आर के तोमर, सीमा धींगरा एवं समस्त शिक्षकगण मौजूद रहे।