World Water Day पर जानिए पानी पीने की सही मात्रा और पानी पीने के सही तरीके के बारे में।
शरीर को सेहतमंद बनाए रखने के लिए भरपूर पानी की जरूरत होती है इसलिए हम अधिक से अधिक पानी पीने की कोशिश करते हैं।लेकिन याद रहे कि शरीर में पानी की भी एक सीमा होती है। आवश्यकता से अधिक पानी का इनटेक हमें नुकसान भी पहुंचा सकता है। 22 मार्च को World Water Day के मौके पर हम आगरा की फिजिशियन डॉ. आरती सिन्हा से जानते हैं कि सामान्य तौर पर व्यक्ति को कितना पानी पीना चाहिए और पानी पीने का क्या सही तरीका होना चाहिए।
दो लीटर पानी पर्याप्त
डॉ. आरती सिन्हा बताती हैं कि शरीर में पानी की कमी नहीं हो, ये सोचकर हम दिन में 9 से 10 गिलास पानी पी जाते हैं। जोकि करीब दो लीटर ततक होता है। वहीं भोजन के बाद भी कुछ लोग काफी पानी पीते हैं।
ऐसे में ये पानी दो लीटर से ज्यादा हो जाता है, जो कि शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। पानी आवश्यकता से कम हो या अधिक, दोनों ही रूप में हमारी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। आवश्यकता से अधिक पानी बिना छने ही किडनी से निकल जाता है और किडनी धीरे-धीरे काम करने लगती है। साथ ही इससे हृदय संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं। लिहाजा दिन भर में दो लीटर पानी पर्याप्त होता है।
पानी पीने का सही तरीका
काम के प्रेशर के चलते हम हमेशा इतनी जल्दबाजी में रहते हैं कि ठीक से खाते पीते भी नहीं। आमतौर पर लोग जल्दबाजी में खड़े होकर पानी पीते हैं और फटाफट अपने काम पर निकल जाते हैं। फिर ये उनकी आदत का हिस्सा बन जाता है। खड़े होकर पानी पीने से वो सीधा आपके पेट में खाने की नली की दीवार पर जाकर गिरता है। जिससे आपके पेट को नुकसान पहुचंता है और आपको कई तरह की बीमारियां होनी शुरु हो जाती हैं। विशेषज्ञ बताती हैं कि खड़े होकर पानी पीने से जोड़ों में मौजूद कैमिकल्स अव्यवस्थित हो जाता है। इसके कारण कमर, घुटने, टखनों आदि अन्य जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है। इसलिए चाहे आपको कितनी ही जल्दी क्यों न हो, लेकिन पानी हमेशा बैठकर ही पिएं।