अहमदाबाद

नाक से 10 सेंटीमीटर लंबा मस्सा और फंगल संक्रमण एंडोस्कॉप के जरिए निकाला

राजकोट का 47 साल का प्रौढ़ 2 महीने से बाईं नाक बंद रहना, सर्दी, खांसी, सिरदर्द और आंख में दर्द से था परेशान राजकोट. शहर के निवासी एक प्रौढ़ की नाक से एंडोस्कॉप के जरिए 10 सेंटीमीटर लंबा मस्सा और फंगल संक्रमण निकाला गया।शहर निवासी संजय साकरिया (47) पिछले 2 महीनों से बाईं नाक बंद […]

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राजकोट का 47 साल का प्रौढ़ 2 महीने से बाईं नाक बंद रहना, सर्दी, खांसी, सिरदर्द और आंख में दर्द से था परेशान

राजकोट. शहर के निवासी एक प्रौढ़ की नाक से एंडोस्कॉप के जरिए 10 सेंटीमीटर लंबा मस्सा और फंगल संक्रमण निकाला गया।
शहर निवासी संजय साकरिया (47) पिछले 2 महीनों से बाईं नाक बंद रहना, सर्दी, खांसी, सिरदर्द और आंख में दर्द जैसी समस्याओं से परेशान था। उसने शहर के इएनटी एंड डेंटल हॉस्पिटल में डॉ. हिमांशु ठक्कर को दिखाया। डॉ. ठक्कर को सिटी स्कैन और एंडोस्कोपी जांच के बाद पता चला कि मरीज की बाईं नाक में एक बड़ा मस्सा और फंगल संक्रमण था, जो आंख के बहुत करीब पहुंच चुका था।
डॉ. ठक्कर ने एंडोस्कोप के जरिए नाक के छिद्रों से करीब 10 सेंटीमीटर लंबा मस्सा, जो नाक और साइनस से होते हुए तालू तक फैला हुआ था, कुशलता से निकाल दिया। साथ ही फंगल संक्रमण को भी हटा दिया, जिससे मरीज को राहत मिली।

डायबिटीज से भी पीड़ित था मरीज

इस केस की विशेष बात यह थी कि मरीज डायबिटीज से भी पीड़ित था।

आंख और मस्तिष्क को हो सकता था गंभीर नुकसान

डॉ. ठक्कर ने बताया कि यदि समय पर इलाज न किया जाता, तो आंख और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान हो सकता था। डॉ. ठक्कर के अनुसार, ऐसे मामलों में समय पर जांच और इलाज बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में उत्पन्न होने वाली जटिल स्थितियों से बचा जा सके।

Published on:
25 May 2025 10:30 pm
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