अहमदाबाद

राजकोट में 10 हजार की रिश्वत लेते ASI और GRD जवान पकड़े गए, केस में लॉकअप से बचाने का दिया था भरोसा

Rajkot ACB: राजकोट में एसीबी ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते एएसआई और जीआरडी जवान को पकड़ा। आरोप है कि केस में आरोपियों को लॉकअप में नहीं रखने और जल्द जमानत कराने के बदले रिश्वत मांगी गई थी।
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एसीबी की गिरफ्त में आरोपी। फोटो- आईएएनएस

Gujarat ACB: गुजरात के राजकोट में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रविवार को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) और गुजरात रक्षा दल (जीआरडी) के जवान को पकड़ा। दोनों आरोपी अजी डैम पुलिस स्टेशन के तहत आने वाली अजी डैम पुलिस चौकी पर तैनात थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 53 वर्षीय राजेशभाई उर्फ राजूभाई मेर और 31 वर्षीय मनोजभाई चौहान के रूप में हुई है। मेर अजी डैम पुलिस चौकी में एएसआई के पद पर तैनात था, जबकि चौहान जीआरडी जवान के रूप में उसी चौकी पर ड्यूटी कर रहा था।

जल्द जमानत कराने का वादा

एसीबी के अनुसार, अजी डैम पुलिस स्टेशन में शिकायतकर्ता के खिलाफ एक मामला दर्ज था। इस मामले की जांच एएसआई राजेशभाई मेर कर रहा था। आरोप है कि मेर ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। एसीबी के मुताबिक मेर ने यह रकम इस बात के बदले मांगी थी कि मामले में आरोपियों को लॉकअप में नहीं रखा जाएगा और जमानत की कार्रवाई जल्द पूरी कराई जाएगी। मेर ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम जीआरडी जवान मनोजभाई चौहान को देने के लिए कहा।

रिश्वत नहीं देना चाहता था शिकायतकर्ता

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था। उसने एसीबी की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद एसीबी ने रविवार को ट्रैप की कार्रवाई की। एसीबी के अनुसार, ट्रैप के दौरान शिकायतकर्ता ने 10 हजार रुपए चौहान को दिए। रकम लेते ही एसीबी की टीम ने चौहान को पकड़ लिया। इसके बाद एएसआई मेर को भी मौके से पकड़ लिया गया। एसीबी ने बताया कि रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई है।

चौकी के गेट के सामने कार्रवाई

यह कार्रवाई राजकोट शहर के ईस्ट डिवीजन में ट्रैफिक भवन परिसर स्थित अजी डैम पुलिस चौकी के गेट के सामने की गई। ट्रैप की कार्रवाई राजकोट ग्रामीण एसीबी थाने के पुलिस निरीक्षक एम.एन. राणा के नेतृत्व में की गई। एसीबी ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों की ओर से रिश्वत मांगने या लेने की शिकायत मिलने पर 1064 हेल्पलाइन के जरिए शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत की जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप की कार्रवाई की जाती है।

Updated on:
20 Sept 2026 04:26 pm
Published on:
20 Sept 2026 04:17 pm