सरवर चैरिटेबल ट्रस्ट का सादगीपूर्ण 16वां आयोजन
आणंद. सरवर चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में शहर में रविवार को आयोजित 16वें सामूहिक विवाह समारोह में 11 युगल निकाह की रस्म अदा कर हमसफर बने।
सादगीपूर्ण आयोजन की शुरुआत पीर-ए-तरीकत शब्बीर हुसैन उर्फ कारी बापू द्वारा कुरआन की तिलावत से हुई। इसके बाद दूल्हा-दुल्हनों को निकाह की रस्म अदा करवाई गई। ट्रस्ट के अध्यक्ष यावर हुसैन ठाकोर ने स्वागत भाषण में सामूहिक विवाह का उद्देश्य बताया।
इस अवसर पर सैयद अबरार हुसैन बापू ने कहा कि शादी को आसान बनाना चाहिए ताकि समाज में अपराध कम हो सकें। उन्होंने कहा कि आजकल दिखावे के कारण निकाह मुश्किल होता जा रहा है, जिससे बेटियों के माता-पिता चिंता में रहते हैं। ऐसे में सामूहिक विवाह गरीब परिवारों के लिए राहत का माध्यम बनते हैं।
उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की कि कुरीतियों को छोड़कर सादगीपूर्ण निकाह अपनाएं और फिजूलखर्ची से बचाकर पैसे बच्चों की शिक्षा और व्यवसाय में लगाएं। उन्होंने कहा कि अगर दूल्हा-दुल्हन एक-दूसरे के परिवार के प्रति प्रेम और सम्मान रखेंगे, तो उनका जीवन स्वर्ग जैसा सुखद बन जाएगा।
इस मौके पर सेवानिवृत्त आयकर अधीक्षक हाजी रियाजुद्दीन कादरी ने समाज को एकजुट रहने, नई पीढ़ी को शिक्षा और संस्कार देने तथा आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं को सहयोग देने की अपील भी की। पूर्व सरपंच इस्माइल वोहरा ने कहा कि अच्छे कार्यों में सहयोग देना सभी की जिम्मेदारी है और समाज में बदलाव लाने के लिए सभी को मिलकर आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। ट्रस्ट द्वारा दानदाताओं के सहयोग से दूल्हा-दुल्हनों को घरेलू उपयोग की वस्तुएं भेंट की गईं। आयोजन को सफल बनाने में ट्रस्ट के पदाधिकारियों और सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।