
आणंद. शहर के गामड़ीवड स्थित श्री गणेश आंगड़िया पेढ़ी से 44 लाख रुपए से अधिक की ठगी के आरोप में टाउन पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें अहमदाबाद का अनिलकुमार मथवाणी और वडोदरा का अमितकुमार खत्री शामिल है।
जानकारी के अनुसार, मुंबई के लोअर परेल में रहने वाले और स्टील-मेटल का कारोबार करने वाले नरेंद्र शाह को 29 सितंबर को ''नटवरलाल'' नामक व्यक्ति का फोन आया था। उसने कहा था, "मैं नटवरलाल बोल रहा हूं, आपके दोस्त संजय से मेरी बात हुई है। अगर आपको मुंबई में पैसा चाहिए तो मेरे पास मुंबई में पड़ा है और आप मुझे दिल्ली में ''भरत प्रवीण आंगड़िया पेढ़ी'' में दे दें।" उसने दावा किया था कि उसे दिल्ली में पैसे चाहिए और उसके बदले वह मुंबई में 45 लाख रुपए नकद देगा।
नरेंद्र ने दिल्ली स्थित अपने कर्मचारी नंदू तिवारी को ''भरत प्रवीण आंगड़िया पेढ़ी'' के माध्यम से नटवरलाल के बताए अनुसार 45 लाख रुपए भेजने का निर्देश दिया। मुंबई में रुपए प्राप्त करने के लिए अभिषेक को तैयार रखा था। शाम को नटवरलाल का फोन बंद आने पर संदेह हुआ। जांच करने पर पता चला कि आरोपी नटवरलाल ने नंदू तिवारी से 10 रुपए के नोट का सीरियल नंबर व्हाट्सएप पर प्राप्त कर लिया था और दिल्ली में आंगड़िया पेढ़ी के माध्यम से वह रुपए आणंद स्थित श्री गणेश आंगड़िया पेढ़ी में ट्रांसफर करवा लिए थे।
दिल्ली से रुपए आणंद पहुंचते ही नटवरलाल के सहयोगी दिनेश ने अहमदाबाद के बदरखा गांव के अनिलकुमार मथवाणी और वडोदरा के अमितकुमार खत्री को आणंद के गामड़ीवड स्थित श्री गणेश आंगड़िया पेढ़ी में भेजा। वे 10 रुपए के नोट का सीरियल नंबर दिखाकर रुपए लेने गए थे। दोनों ने आंगड़िया पेढ़ी से कमीशन काटकर 44.82 लाख रुपए लेकर दिनेश को सौंप दिए, दिनेश यह राशि लेकर फरार हो गया।
इस बात का पता लगने पर व्यापारी नरेंद्र ने आणंद की श्री गणेश आंगड़िया पेढ़ी पहुंचकर खुद जांच की। व्यापारी को बातों में लाकर विश्वासघात करने वाले मुख्य आरोपी नटवरलाल, उसके साथी दिनेश तथा अन्य संलिप्त सहयोगियों के खिलाफ आणंद टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि 45 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में शामिल दो व्यक्ति कार से अहमदाबाद से वडोदरा की ओर जा रहे हैं। इस आधार पर आणंद टाउन पुलिस स्टेशन के पीआइ जे. एस. कंडोरिया के निर्देश और मार्गदर्शन में स्टाफ ने गामड़ी ओवरब्रिज के पास नाकाबंदी की।
मुखबिर की सूचना के अनुसार कार आते ही पुलिस ने कार में सवार अनिलकुमार मथवाणी और अमितकुमार खत्री को पकड़ लिया। उन्हें आणंद टाउन पुलिस स्टेशन लाकर धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया। दिनेश के रूप में पहचान बताकर रुपए लेकर फरार होने वाले व्यक्ति की पहचान चिराग के रूप में होने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के प्रयास शुरू किए।