मदर्स डे पर विशेष:: सिविल अस्पताल में 2042 माताओं ने जशोदाबन अन्य बच्चों के लिए दान किया 434 लीटर दूध, सिविल अस्पताल के 1200 बेड हॉस्पिटल में अगस्त 2025 में शुरू हुआ है मां वात्सल्य मिल्क बैंक, मदर्स डे पर आज विशेष
Ahmedabad. मां की ममता की छांव हो तो फिर बालक को कोई चिंता नहीं। मां के वात्सल्य की ऐसी ही अनूठी और प्रेरणादायी घटनाएं अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में स्थित 1200 बेड अस्पताल में देखने को मिल रही हैं। यहां बीते 8 महीनों में जशोदा बनकर एक दो नहीं बल्कि 2042 माताओं ने अपने नहीं बल्कि किसी अन्य मां के बच्चे के जीवन के लिए मां के अमृत समान दूध का दान किया है। इस अवधि में 434 लीटर मां के दूध का दान मिलने से अस्पताल में भर्ती जरूरतमंद 451 नवजात शिशुओं को नया जीवन मिल सका है।
मदर्स डे पर सिविल अस्पताल के मां वात्सल्य मिल्क बैंक की प्रभारी डॉ. सुचेता मुंशी ने बताया कि शहर के सिविल अस्पताल के 1200 बेड में 28 अगस्त 2025 को मा वात्सल्य मिल्क बैंक शुरू किया गया था। बीते आठ महीनों में यहां मातृत्व की करुणा और मानवता का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। 28 अगस्त 2025 से अब तक 2042 माताओं ने कुल 434 लीटर दूध का दान किया है, जिससे 451 नवजात शिशुओं को नया जीवन मिला है। इस अस्पताल में मिल्क बैंक की शुरूआत कराते हुए कई नाजुक और अधूरे महीने में जन्मे बच्चों के लिए दान में मिला मां का दूध वरदान साबित हो रहा है।
सिविल अस्पताल की इस मिल्क बैंक में मंजुला बेन ने अपने बच्चे की गंभीर बीमारी के दौरान भी 24 लीटर दूध दान कर अन्य शिशुओं को जीवनदान दिया। उनके बच्चे को 32 दिन अस्पताल में रखना पड़ा था। कृष्णा बेन ने कम वज़न वाले अपने बच्चे की देखभाल करते हुए 24 लीटर का दूध दान किया। उनके बच्चे को 40 दिन बाद छुट्टी मिली थी। पुनिता बेन ने तो जुड़वां बच्चों को जन्म देने बावजूद भी अन्य बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए 40 दिन में 13 लीटर दूध का दान कर मातृत्व की मिसाल पेश की। इस कार्य में पूजा पटेल भी पीछे नहीं रहीं। बेहद कम वज़न वाले बच्चे की लंबी एनआइसीयू देखभाल के दौरान लगातार दूध दान करने के साथ कंगारू मदर केयर देकर बच्चे को स्वस्थ बनाया।