
दाहोद. आदिवासी बाहुल्य दाहोद जिले में 46 हजार से अधिक गर्भवती और धात्री माताओं को पोषण युक्त आहार परोसने का बीड़ा जिला प्रशासन ने उठाया है। सरकार की पोषण सुधा योजना के तहत उन्हें मेनू के अनुसार रोजाना अलग-अलग व्यंजन दिया जाता है।
दाहोद जिले की सभी तहसीलों के 3065 आंगनबाडिय़ों में 46403 गर्भवती और धात्री माताएं पंजीकृत हैं। पोषण युक्त आहार से महिलाओं के स्वाथ्य में जहां सुधार दिखता है, वहीं कई महिलाओं का इस दौरान वजन भी बढ़ गया। सप्ताह में छह दिन इन महिलाओं को महज 27 रुपए में भरपेट भोजन दिया जाता है। इसके तहत सोमवार को थेपला, दाल-भात, मंगलवार को पराठा, सब्जी, दाल-भात, बुधवार को लापसी-शीरा, दाल-भात, गुरुवार को रोटी-सब्जी, खिचड़ी, शुक्रवार को पराठा, चना, दाल-भात और शनिवार को शीरा-लापसी, सब्जी और दाल-भात दिया जाता है। यह सभी सामग्री आंगनबाड़ी में ही बनाकर महिलाओं को गरमागरम परोसा जाता है।
भोजन के साथ महिलाओं को आयरन और कैल्शियम की गोलियां भी दी जाती है। साथ ही इसकी निगरानी और समीक्षा के लिए विशेष मोबाइल एप्लिकेशन भी बनाया गया है। दाहोद की हजारिया आंगनबाड़ी केन्द्र की सीपीडीओ फाल्गुन पंडया ने बताया कि दोपहर में सभी महिलाओं को भोजन दिया जाता है। पौष्टिक आहार से कई महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है। योजना की लाभार्थी महिला निकिता ने बताया कि वह पिछले दो महीने से लगातार भोजन करने आ रही हैं। गर्भावस्था के दौरान उनका वजन कम था, लेकिन नियमित आंगनबाड़ी आकर भोजन करने से वजन 10 किलो बढ गया।
106 तहसीलों में लागू की योजना
गुजरात के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों दाहोद, वलसाड, महीसागर, छोटाउदेपुर और नर्मदा जिले की कुल 10 तहसीलों में सरकार की ओर से पोषण सुधा योजना संचालित की जा रही है। इसमें दाहोद जिले के गरबाडा और धानपुर तहसील में यह योजना वर्ष 2017 से लागू की गई है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने इस योजना का विस्तार करते हुए राज्य के सभी 14 आदिवासी बाहुल्य जिलों के 106 तहसीलों में लागू किया है। दाहोद के सभी 9 तहसीलों में योजना संचालित की जा रही है। दाहोद के आईसीडीएस विभाग की प्रोग्राम ऑफिसर रमीला चौधरी ने बताया कि जिला विकास अधिकारी नेहाकुमारी के मार्गदर्शन में जिले की सभी तहसीलों के 3065 आंगनबाडिय़ों में 46 हजार से अधिक गर्भवती और धात्री माताओं को पोषक तत्वों से भरा-पूरा भोजन दिया जा रहा है।