चिकित्सकों का दावा ट्रांसप्लांट की सफलता की दर विश्वस्तर से ज्यादा
अहमदाबाद शहर के सिविल मेडिसिटी स्थित यूएन मेहता सरकारी हार्ट अस्पताल में पिछले ढाई वर्ष में हृदय के 50 सफल ट्रांसप्लांट किए गए हैं। निजी अस्पतालों में ट्रांसप्लांट के लिए मोटी रकम ली जाती है, लेकिन इस अस्पताल में 50 में से 48 मरीजों का निशुल्क आपरेशन किया गया। इसके लिए आयुष्मान कार्ड व यूएन मेहता फाउंडेशन का सहयोग मिला।अस्पताल निदेशक डॉ. चिराग दोशी के अनुसार यू. एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर (यूएनएमआईसीआरसी) की ओर से हृदय ट्रांसप्लांट की शुरुआत सितंबर 2022 में की गई। इसके बाद से अब तक 50 मरीजों का हृदय ट्रांसप्लांट कर उन्हें नया जीवन दिया गया है। इनमें 37 पुरुष, 11 महिला और 2 बच्चे शामिल हैं। अस्पताल में न सिर्फ गुजरात बल्कि अन्य राज्यों के मरीज भी आते हैं। इनमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के मरीज भी शामिल हैं।
चिकित्सकों का दावा है कि विश्व भर में हृदय प्रत्यारोपण के बाद रोगियों की एक वर्ष तक जीवित रहने की दर लगभग 90 प्रतिशत है। सिविल अस्पताल परिसर स्थित इस अस्पताल में हृदय ट्रांसप्लांट किए जाने के बाद यह दर 92 फीसदी रही है। इतना ही नहीं अस्पताल में यह महंगा ट्रांसप्लांट ज्यादातर मरीजों को सरकार के आयुष्मान कार्ड और अस्पताल के फंड से निशुल्क किया जा रहा है। 96 फीसदी मरीजों को ट्रांसप्लांट के लिए रुपए नहीं चुकाने पड़े। इसके लिए गुजरात सरकार का भी काफी सहयोग मिल रहा है।