एक वर्ष में लगाए गए ये इंजेक्शन, मरीजों में से 78 अन्य राज्यों के
अहमदाबाद शहर के असारवा स्थित सिविल अस्पताल में वर्ष 2024 में ऑटोइम्यून बीमारियों से पीड़ित 470 मरीजों को सात करोड़ से अधिक मूल्य के इंट्रावेनस इम्यूनोग्लोबुलिन (आईवीआईजी) इंजेक्शन निशुल्क उपलब्घ कराए गए। एक इंजेक्शन की कीमत करीब 6 लाख रुपए बताई जाती है। स्वस्थ रक्तदाताओं के प्लाज्मा से निकाले गए एंटीबॉडी (इम्युनोग्लोबुलिन) होते हैं। आईवीआईजी का उपयोग विभिन्न मरीज की विविध स्थितियों में किया जाता है। इसमें जीबीएस, मायस्थीनिया ग्रेविस, कुछ न्यूरोलॉजिकल रोग भी इसमें शामिल हैं।अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने कहा कि गत वर्ष अस्पताल में जिन मरीजों को ये इंजेक्शन दिए गए थे उनकी जान बच गई थी। इंजेक्शन दिए गए मरीजों में से 146 अहमदाबाद के हैं। 246 मरीज गुजरात के अन्य जिलों के हैं। अन्य राज्यों के 78 मरीजों को भी इन इंजेक्शन की जरूरत पड़ी और उन्हें नि:शुल्क दिए गए।
राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी से दिसंबर 2024 तक ढाई ग्राम के 4.47 करोड़ से अधिक कीमत वाले इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन तथा 5 ग्राम वाले 2 करोड़ 70 लाख से अधिक कीमत के इंजेक्शन प्रदान किए।
डॉ. जोशी के अनुसार किसी व्यक्ति के शरीर में बाहरी संक्रमण के खिलाफ लड़ने के लिए जरूरी रोगप्रतिरोधक श्वेतकण (एन्टी बॉडी) कभी-कभी शरीर के ही ऊतक -कोषों को नष्ट करने लगती है , इसे ही ऑटो इम्यून बीमारी कहा जाता है। ऐसे में प्रभावित ऊतक और कोशिकाओं की कार्यप्रणाली प्रभावित हो जाती है। जिससे कभी-कभी मरीज गंभीर स्थिति में भी पहुंच सकता है। जिन मरीजों को इस इंजेक्शन को देने की जरूरत होती है वे गंभीर स्थिति में होते हैं।