
Ahmedabad. गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने सुरेंद्रनगर जिले की लींबडी तहसील के उंटडी ग्राम पंचायत से जुड़े रिश्वतखोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए मंगलवार को सरपंच के पति और उपसरपंच को पांच लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गांव में तय स्थान से रेत निकालने की अनुमति देने के बदले पहले 6.30 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता के एसीबी से संपर्क करने पर बिछाए गए जाल में दोनों आरोपी फंस गए। पकड़े गए आरोपियों में सरपंच का पति संजय कमेजलिया (35) और उप सरपंच सुनील कटुडिया (27) शामिल हैं। एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता को उंटडी गांव में निर्धारित स्थान से रेत निकालने की अनुमति चाहिए थी। आरोप है कि संजयभाई कमेजलिया (35) ने प्रति ट्रक 1,000 रुपए रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता ने प्रति ट्रक 100 रुपए गांव के दान में देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन दोनों आरोपियों ने प्रति ट्रक 1,000 रुपए रिश्वत की मांग जारी रखी। इसके बाद आरोप है कि संजयभाई ने एकमुश्त 6,30,000 रुपए रिश्वत की मांग की। मोलभाव के बाद यह रकम 5,00,000 रुपए तय हुई।शिकायतकर्ता रिश्वत देना नहीं चाहते थे, जिससे उन्होंने सुरेंद्रनगर एसीबी से संपर्क कर इस मामले की शिकायत कर दी। शिकायत के आधार पर मंगलवार को सुरेन्द्रनगर लींबडी हाईवे पर स्थित प्रेमवती भोजनालय परिसरमें जाल बिछाया गया। यहां शिकायतकर्ता ने जैसे ही संजयभाई प्रतापभाई कमेजळिया को 5,00,000 रुपए की रिश्वत दी और उन्होंने स्वीकारी वैसे ही एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी संजयभाई ने अपने मोबाइल से उंटडी ग्राम पंचायत के उपसरपंच सुनीलभाई कटुडिया (27) को फोन कर बातचीत की और रिश्वत मिलने की पुष्टि कराई। इसके बाद मौके पर पहुंचे सुनीलभाई को भी एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि उपसरपंच ने अपने लोकसेवक पद का दुरुपयोग करते हुए अपराध में सहयोग किया। इस कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी पुलिस स्टेशन सुरेंद्रनगर के पुलिस इंस्पेक्टर पी.के. पटेल ने किया। कार्रवाई एसीबी राजकोट इकाई के सहायक निदेशक जे.डी. मेवाड़ा की निगरानी में की गई। एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।