
एसीपीसी।
Ahmedabad. गुजरात व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रवेश समिति (एसीपीसी) ने मंगलवार को मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) और मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) कोर्स में पहले चरण के प्रवेश आवंटित कर दिए। पहले चरण में इन दोनों ही कोर्स में 4116 विद्यार्थियों को प्रवेश आवंटित किए हैं। इसमें से एमबीए में 2469 और एमसीए में 1647 प्रवेश शामिल हैं। पहले चरण के प्रवेश आवंटन के बाद की स्थिति में 19 हजार (18925) सीटें खाली रही हैं। इन दोनों ही कोर्स में इस वर्ष 23041 सीटें हैं। बीते साल पहले चरण में 5219 विद्यार्थियों को प्रवेश आवंटित किया गया था।
एसीपीसी के तहत वर्ष 2026-27 में एमबीए, एमसीए कोर्स में प्रवेश के लिए 4857 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इसमें से एमबीए के लिए 2929, एमसीए के लिए 1973 और एमबीए, एमसीए दोनों के लिए 177 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इसमें से 4723 विद्यार्थियों मेरिट में स्थान मिला। 18 जुलाई तक पहले चरण के लिए चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया की गई। मंगलवार को पहले चरण के प्रवेश आवंटित किए हैं। इसमें एमबीए में 135 कॉलेजों की 14898 सीटों में से 2469 सीटों पर प्रवेश आवंटित किया गया है। जबकि एमसीए में 94 कॉलेजों की 8143 सीटों में से 1647 सीटों पर प्रवेश आवंटित किया गया। पहले चरण के प्रवेश आवंटन के बाद एमबीए कोर्स की 12429 सीटें और एमसीए कोर्स की 6496 सीटें रिक्त रह गई हैं। इन रिक्त सीटों को दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान ध्यानार्थ लिया जाएगा।
सरकारी एवं अनुदानित कॉलेजों की सीटों की बात करें तो पहले चरण में एमसीए की 9 कॉलेजों की शत प्रतिशत 388 में से 388 सीटें भर गई हैं। एमबीए में 9 सरकारी व अनुदानित कॉलेजों की 531 सीटों में से 475 सीटें भरी हैं, यानी 89 फीसदी सीटें भरी हैं। एमबीए कोर्स की बात करें तो पहले चरण में केवल 14 फीसदी सीटें ही भरी हैं। राज्य में 126 एमबीए कॉलेजों में 14367 सीटें हैं, पहले चरण में इसमें से 1994 सीटों पर ही प्रवेश आवंटित किया है। 12429 सीटें खाली हैं। सरकारी, अनुदानित मिलाकर कुल 16 कॉलेजों की शत प्रतिशत सीटें भीर हैं। एमबीए में 37 ऐसी कॉलेजें रहीं, जिन्हें पहले चरण में एक भी विद्यार्थी नहीं मिल पाया।
राज्य में 85 एमसीए कॉलेजों में 7755 सीटों में से पहले चरण में 1259 सीटें भरी हैं। यानी केवल 16.23 फीसदी सीटों पर ही प्रवेश हो पाया। 6469 सीटें रिक्त रह गईं। यानी 84 फीसदी सीटें निजी कॉलेजों में पहले चरण में खाली रही हैं। एमसीए में 21 कॉलेज ऐसी रहीं जिन्हें पहले चरण में एक भी विद्यार्थी नहीं मिल पाया।
एसीपीसी के सदस्य सचिव प्रो.एन.एन.भूपताणी ने बताया कि एसीपीसी के जरिए होने वाली एमबीए, एमसीए में प्रवेश के लिए जरूरी कॉमन मैनेजमेंट एडमीशन टेस्ट (सीमेट) राज्य के ज्यादातर विद्यार्थी नहीं देते हैं। ऐसे में एसीपीसी उन्हें प्रवेश प्रक्रिया मेंशामिल नहीं कर पाती है। एसीपीसी का चरण पूरा होने के बाद रिक्त रहने वाली सीटों पर यह स्नातक में 50 फीसदी अंक के आधार पर प्रवेश ले लेते हैं।
Updated on:
21 Jul 2026 09:42 pm
Published on:
21 Jul 2026 09:42 pm
