-गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने की तैयारियों की समीक्षा, अहमदाबाद में उच्च स्तरीय बैठक
Ahmedabad. भगवान जगन्नाथ की 148वीं रथयात्रा आगामी 27 जून को परंपरागत तरीके से निकलेगी। विमान हादसे के बाद ऐसी चर्चा चल रही थी कि यह रथयात्रा किस तरह से निकाली जाएगी। इस चर्चा पर विराम लगाते हुए जगन्नाथ मंदिर के प्रबंध न्यासी महेन्द्र झा ने बताया कि हर साल की तरह ही इस साल भी रथयात्रा परंपरगात तरीके से निकलेगी। मंदिर के महंत दिलीपदास महाराज ने भी संवाददाताओं से कहा कि रथयात्रा को लेकर मंदिर की ओर से हर साल की तरह ही परंपरागत तैयारी की जा रही है। इसके शांतिपूर्ण तरीके से निकलने को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई।
रथयात्रा की तैयारियों को लेकर प्रदेश के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने बुधवार को अहमदाबाद में उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने रथयात्रा की सुरक्षा व्यवस्था, आयोजन को लेकर अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा की। इस बैठक में मंदिर के प्रबंध न्यासी झा, राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विकास सहाय, अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त जी एस मलिक व शहर पुलिस के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।शहर में भगवान जगन्नाथ की देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा निकलती है। 18 किलोमीटर लंबी इस रथयात्रा की सुरक्षा में 20-22 हजार जवान व पुलिस कर्मचारी लगते हैं। ऐसे में इसकी सुरक्षा व्यवस्था काफी चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसके लिए एक-डेढ़ महीने पहले से ही शहर पुलिस और राज्य सरकार की ओर से तैयारी की जाती है।
रथयात्रा शांतिपूर्ण तरीके से निकले इसके लिए व्यवस्था में पुलिस के साथ शाहपुर, कारंज, माधवपुरा इलाके के 400 युवाओं की स्वयंसेवकों की टीम तैयार की गई है। जोन-2 उपायुक्त भरत राठौड़ की अगुवाई में इस टीम को तैयार करने के बाद राइफल क्लब में सेक्टर-1 के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नीरज बड़गूजर ने जरूरी मार्गदर्शन दिया। इस दौरान शांति समिति के सदस्य व पुलिस अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।