-पुलिस आयुक्त का दावा ,सीसीटीवी लगाने से लूट, डकैती, सेंधमार चोरी, चोरी के डिटेक्शन में हुई वृद्धि
Ahmedabad. शहर पुलिस आयुक्त जी एस मलिक की अध्यक्षता में मंगलवार को अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त कार्यालय में क्राइम कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें पुलिस निरीक्षक से लेकर जेसीपी स्तर के सभी अधिकारी मौजूद रहे। शहर में हत्या, लूट, डकैती, सेंधमार चोरी, चोरी व अन्य घटनाओं की समीक्षा की गई। विशेषरूप से जनभागीदारी से लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरे और उससे हुए लाभों की समीक्षा की गई।
पुलिस आयुक्त जी एस मलिक ने दावा किया कि मई 2024 में सभी पीआई को जनभागीदारी से ज्यादा सेे ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा था। उसके अच्छे परिणाम आए हैं। 30 जून 2025 की स्थिति में अहमदाबाद शहर में 22774 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
महत्वपूर्ण बात ये है कि इसमें से 3088 सीसीटीवी कैमरे ऐसे हैं, जिनकी लाइव फीड संबंधित पुलिस स्टेशनों में देखी जा सकती है। 2963 सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड को शहर पुलिस कंट्रोलरूम में देखा जा सकता है। मार्च 2025 से ऐसे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड थाने या कंट्रोलरूम में दिखे इसका अभियान छेड़ा है।
मलिक ने दावा किया कि शहर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ने से लूट, डकैती, सेंधमार चोरी, चोरी की घटनाओं को सुलझाने की दर में वृद्धि हुई है। 2024 में जनवरी से 30 जून तक डकैती की 9 घटनाएं दर्ज हुई थीं, जबकि इस जनवरी से जून तक 3 ही ऐसी घटनाएं हुई हैं। सभी मामले सुलझा लिए।
जनवरी से 30 जून 2024 तक लूट की 55 घटनाएं हुई, जिसमें से 87 प्रतिशत यानि 48 को सुलझाया था, लेकिन इस वर्ष जनवरी से जून तक 36 घटनाएं हुईं और इन सभी को सुलझा लिया है। 2024 में जनवरी से जून के दौरान सेंधमार चोरी की 170 घटनाएं हुईं, जिसमें से 72 को सुलझाया। यानी 42.35 फीसदी डिटेक्ट हुई थीं, इस साल दर्ज हुई 162 में से 91 को सुलझा लिया है, यानी डिटेक्शन रेट 56.17 फीसदी है। गत वर्ष 1947 चोरी की घटनाएं हुईं, जिसमें से 601 को सुलझाया था, इस वर्ष जनवरी से जून के दौरान 1763 चोरी हुईं, जिसमें से 659 को सुलझाया है। डिटेक्शन रेट 37.38 फीसदी रहा। जो गत वर्ष 30.87 प्रतिशत था। इस साल जनवरी से 30 जून तक 573 आरोपियों को पासा की है।
2023 में जनवरी से जून तक फर्स्ट पार्ट के 6534 मामले दर्ज हुए थे, 2024 में यह संख्या 5075 थी, जबकि इस वर्ष जनवरी से जून तक 4853 मामले दर्ज हुए हैं। सीसीटीवी कैमरे हत्या, हत्या की कोशिश, दंगे के मामलों की सुलझाने में भी उपयोगी साबित होते हैं।