
Ahmedabad: शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल कांकरिया तालाब का रात का नजारा अब और आकर्षक होगा। अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) ने शुक्रवार को कांकरिया तालाब परिसर में 4.5 किलोमीटर क्षेत्र में विकसित स्थायी आर्किटेक्चरल लाइटिंग सिस्टम का लोकार्पण किया।
महापौर हितेश बारोट ने गेट नंबर-1 स्थित पुष्पकुंज में आयोजित कार्यक्रम में नई प्रकाश व्यवस्था का शुभारंभ किया।मनपा अनुसार वर्षभर विभिन्न पर्वों और आयोजनों के अनुरूप अलग-अलग थीम पर प्रकाश सज्जा की जा सकेगी।
कांकरिया तालाब की नई प्रकाश व्यवस्था में आधुनिक ड्यूल ऑप्टिक्स तकनीक का उपयोग किया गया है। पोस्ट-टॉप लैंटर्न एक साथ दो प्रकार की रोशनी देते हैं। एक ओर वॉकवे पर चलने वाले पर्यटकों को पर्याप्त प्रकाश मिलता है, वहीं दूसरी ओर आसपास का वातावरण सॉफ्ट ग्लो से आकर्षक दिखाई देता है। इससे सुरक्षा और सौंदर्य का संतुलन बना रहता है। तालाब किनारे नमी, तेज हवा और बारिश जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी लाइटिंग फिक्स्चर आइपी-66 वाटरप्रूफ रेटिंग के साथ लगाए गए हैं। मनपा का दावा है कि यह प्रणाली हर मौसम में बेहतर प्रदर्शन करेगी और कम रखरखाव के साथ लंबे समय तक टिकाऊ रहेगी।
अहमदाबाद. शहर को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) का मिशन फाइव मिलियन ट्री अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।विश्व पर्यावरण दिवस पांच जून से शुरू हुए अभियान के तहत 13 अगस्त तक महज 70 दिनों में शहरभर में 44 लाख 14 हजार 914 पौधे लगाए जा चुके हैं।
यह निर्धारित 50 लाख पौधरोपण के लक्ष्य का 88.30 प्रतिशत है। मनपा का दावा है कि शेष लक्ष्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।मनपा के अनुसार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों तथा विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है, जिससे पौधरोपण कार्य को लगातार गति मिल रही है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सामूहिक पौधरोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
आगामी दिनों में अभियान को और गति देकर 50 लाख पौधरोपण का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। गौरतलब है कि इस वर्ष मनपा ने पांच मिलियन पौधे शहर में लगाने का लक्ष्य रखा है और अब तक चार मिलियन से अधिक पौधों का रोपण भी कर लिया गया है। पिछले कुछ वर्षों से इस तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं और हर वर्ष लक्ष्य में बढ़ोतरी की गई है।