अहमदाबाद

ahmedabad शहर में डेंगू का प्रकोप बढ़ा, 20 दिनों में 500 के करीब मरीज

शहर में बारिश के बाद डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। सितंबर के शुरुआती 20 दिनों में ही डेंगू के 496 मरीज सामने आए हैं जो पिछले वर्ष सितंबर के तीस दिनों की तुलना में 48 ज्यादा हैंं।
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Dengue news
फाइल फोटो।

ahmedabad बारिश के बाद शहर में मच्छरजनित रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर के शुरुआती 20 दिनों में ही डेंगू के 496 मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष पूरे सितंबर महीने में 448 ही मरीज दर्ज हुए थे।

यानी इस बार केवल 20 दिन में ही बीते साल के पूरे सितंबर महीने से भी डेंगू के 48 अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। इस वर्ष 2026 में 20 सितंबर तक डेंगू के कुल 1084 मरीज सामने आ चुके हैं। डेंगू के अलावा मलेरिया, फाल्सीफेरम और चिकनगुनिया के मरीज भी सामने आए हैं।

दूसरी ओर जलजनित रोगों में भी टाइफाइड और उल्टी-दस्त के मरीजों का मिलना जारी है।इस महीने के 20 दिनों में मच्छरजनित रोगों के अन्य मरीजों में मलेरिया के 70, फाल्सीफेरम के 22 और चिकनगुनिया के सात मरीज दर्ज किए गए हैं। इसी अवधि में मलेरिया के 386, फाल्सीफेरम के 96 और चिकनगुनिया के 14 मरीज दर्ज हुए हैं।

टाइफाइड के 172 मरीज मिले

जलजनित रोगों की स्थिति भी राहत देने वाली नहीं है। इस वर्ष सितंबर के 20 दिनों में ही टाइफाइड के 172, उल्टी-दस्त के 140 और पीलिया के 48 मरीज सामने आए हैं। इस वर्ष 2026 में 20 सितंबर तक उल्टी-दस्त के 4060, टाइफाइड के 1591 और पीलिया के 580 मरीज दर्ज हो चुके हैं। बारिश के बाद दूषित पानी और बदलते मौसम के बीच इन बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं।

33 हजार से अधिक क्लोरीन टेस्ट

प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। सितंबर के 20 दिनों में 33,259 क्लोरीन टेस्ट किए गए। इनमें चार नमूनों में क्लोरीन की मात्रा शून्य मिली। इसी अवधि में पानी के 4,873 नमूनों की जांच की गई, जिनमें 13 नमूने अनफिट पाए गए। इससे पहले सितंबर 2025 में पानी के 7,011 नमूनों की जांच हुई थी।

डेंगू की जांच के लिए 7,762 सीरम सैंपल

डेंगू की पहचान के लिए सितंबर के शुरुआती 20 दिनों में 7,762 सीरम सैंपल की जांच की गई। इनमें करीब 500 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके अलावा विभिन्न बीमारियों की आशंका को देखते हुए सितंबर में अब तक 70,396 रक्त नमूनों की जांच की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

ब्रीडिंग स्थलों को नष्ट करने पर जोर

मनपा के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भाविन सोलंकी के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरों की ब्रीडिंग को नष्ट करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही फॉगिंग और मच्छर नियंत्रण के अन्य उपाय भी किए जा रहे हैं। लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की जा रही है, ताकि मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म कर डेंगू और अन्य मच्छरजनित रोगों के प्रसार को रोका जा सके।

Updated on:
22 Sept 2026 11:23 pm
Published on:
22 Sept 2026 11:22 pm