अहमदाबाद

Ahmedabad: आइटीपी की जोखिमभरी बीमारी के बीच डॉक्टरों ने किया सफल टोटल हिप रिप्लेसमेंट

3 से 5 लाख की सर्जरी सिविल अस्पताल में हुई मुफ्त, गंभीर रक्त विकार से पीड़ित महिला को मिला नया जीवन, बहु-विभागीय टीमवर्क से सफलता
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Civil hospital Ahmedabad
सिविल अस्पताल में ऑपरेशन करने वाली चिकित्सकों की टीम।

Ahmedabad. सिविल अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग के चिकित्सकों की टीम ने इडियोपैथिक थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (आइटीपी) जैसी गंभीर रक्त संबंधी बीमारी से पीड़ित महिला का टोटल हिप रिप्लेसमेंट (टीएचआर) सफलता पूर्वक करने में सफलता पाई है। निजी अस्पतालों में जिस सर्जरी पर तीन से पांच लाख रुपए खर्च होते हैं, वह सिविल अस्पताल में नि:शुल्क की गई।

सिविल हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक विभाग के प्रोफेसर डॉ. पीयूष मित्तल ने बताया कि उत्तर प्रदेश निवासी संगीता त्रिवेदी लंबे समय से आइटीपी से पीड़ित थीं। इस बीमारी में शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या बेहद कम होने के कारण सर्जरी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा रहता है। लंबे समय तक स्टेरॉयड लेने के कारण उन्हें एवास्कुलर नेक्रोसिस (एवीएन) हो गया, जिससे उनके हिप का जोड़ पूरी तरह खराब हो गया था। ऐसे में टोटल हिप रिप्लेसमेंट ही एकमात्र उपचार विकल्प बचा था।

मरीज ने पहले कई निजी अस्पतालों में इलाज की कोशिश की, लेकिन सर्जरी के उच्च जोखिम और तीन से पांच लाख रुपए के खर्च के कारण उपचार नहीं हो सका। इसके बाद अहमदाबाद सिविल अस्पताल में ऑर्थोपेडिक विभाग के प्रोफेसर डॉ. पीयूष मित्तल के नेतृत्व में मरीज का परीक्षण किया गया। हेमेटोलॉजी, एनेस्थीसिया और ब्लड बैंक सहित विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने संयुक्त रणनीति बनाकर ऑपरेशन किया।

ऑपरेशन के दौरान पांच यूनिट प्लेट्सलेट चढ़ाए

ऑपरेशन के दौरान मरीज को पांच यूनिट प्लेटलेट्स, एक यूनिट फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (एफएफपी) और एक यूनिट पैक्ड सेल वॉल्यूम (पीसीवी) चढ़ाया गया, जिससे संभावित रक्तस्राव को नियंत्रित रखते हुए सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई। इसमें एनेस्थीसिया विभाग की प्रोफेसर डॉ. शकुंतला एवं उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बेहतर तकनीक, अनुभवी टीम के चलते सफलता

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि सरकारी अस्पतालों में भी अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और बेहतर टीमवर्क के दम पर विश्वस्तरीय एवं जटिल उपचार सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह स्थिर है, दर्द से राहत मिल चुकी है और अब वह सामान्य रूप से चल-फिरने के साथ दैनिक कार्य भी कर पा रही हैं।

Updated on:
01 Aug 2026 09:49 pm
Published on:
01 Aug 2026 09:49 pm