त्वचा दान के लिए अभी भी जागरूकता की जरूरत
अहमदाबाद शहर के सिविल अस्पताल में गुरुवार को त्वचा का 10वां दान मिला है। नरोडा निवासी 97 वर्षीय महिला की मौत होने पर परिजनों के इच्छा जताने पर अस्पताल की टीम ने घर पहुंचकर त्वचा दान को स्वीकार किया।अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डाॅ. जयेश सचदे के अनुसार बुधवार मध्यरात्रि को स्किन बैंक हेल्पलाइन नंबर पर एक फोन आया। जिसमें बताया गया कि बुजुर्ग महिला चंपाबेन पटेल का निधन हुआ है। उनके पुत्र किरीट पटेल मां की त्वचा दान का दान करना चाहते हैं, उनके पुत्र की सहमति पर स्किन बैंक के चिकित्सकों की एक टीम डोनर के घर पहुंची और दाता की त्वचा का दान स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि त्वचा का दान भी अपने आप में महत्वपूर्ण है। स्किन बैंक में सुरक्षित रखी त्वचा के कारण एक मरीज के घाव की सर्जरी की गई और वह ठीक हो गया। दान में मिलने वाली त्वचा का उपयोग ड्रेसिंग के रूप में किया जाता है। जब नई त्वचा आती है तो ड्रेसिंग वाली त्वचा अलग हो जाती है। इससे संक्रमण लगने का खतरा कम होता है। शरीर पर बड़े घाव या फिर झुलसने के कारण होने वाले घाव में इस तरह की त्वचा का उपयोग होता है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी के अनुसार सिविल अस्पताल में स्किन बैंक की सुविधा शुरू होने के बाद यह 10वां त्वचा दान है। घर से फोन कर त्वचा दान करने का यह चौथा मामला है। उनका कहना है कि त्वचा दान को लेकर धीरे-धीरे जागरूकता बढ़ रही है, हालांकि अभी और जागरूकता की जरूरत है।