महानगरपालिका (मनपा) ने बारिश के मौसम में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए फायर विभाग को पूरी तरह तैयार कर दिया है। शहर के सभी जोन में फायर स्टेशन, फायर टेंडर, रेस्क्यू बोट और इमरजेंसी टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है, ताकि भारी वर्षा या जलभराव की स्थिति में नागरिकों को तुरंत राहत मिल सके। विशेष कंट्रोल रूम और 101 नंबर की सुविधा को भी मज़बूत किया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।
Ahmedabad: महानगरपालिका (मनपा) ने बारिश के मौसम में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए फायर विभाग को पूरी तरह तैयार कर दिया है। शहर के सभी जोन में फायर स्टेशन, फायर टेंडर, रेस्क्यू बोट और इमरजेंसी टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है, ताकि भारी वर्षा या जलभराव की स्थिति में नागरिकों को तुरंत राहत मिल सके। विशेष कंट्रोल रूम और 101 नंबर की सुविधा को भी मज़बूत किया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।
फायर विभाग के अनुसार इन तैयारियों के तहत शहर के पश्चिम जोन में तीन फायर स्टेशन, नौ फायर टैंकर, एक रेस्क्यू बोट और दो इमरजेंसी वाहन तैनात कर दिए गए। उत्तर-पश्चिम में दो स्टेशन, 7 टैंकर, एक रेस्क्यू बोट और दो विशेष वाहन उपलब्ध हैं। दक्षिण-पश्चिम ज़ोन में दो स्टेशन, नौ टैंकर, एक बोट और दो इमरजेंसी वाहन कार्यरत हैं। दक्षिण जोन में सबसे अधिक तीन स्टेशन और 12 टैंकर के साथ एक बोट व दो इमरजेंसी वाहन तैयार हैं। पूर्व में तीन स्टेशन, छह टैंकर और एक-एक बोट व वाहन उपलब्ध हैं। उत्तर जोन में दो स्टेशन, पांच टैंकर और एक-एक बोट व वाहन कार्यरत हैं। वहीं मध्य जोन में चार स्टेशन, सात टेंडर, एक बोट, एक मल्टी पर्पज़ वाहन और दो इमरजेंसी वाहन तैनात किए गए हैं।
आपात स्थिति में त्वरित मदद के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी सक्रिय किया गया है। आग या अन्य दुर्घटना की सूचना के लिए 101 नंबर की सुविधा पालडी स्थित स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम से जोड़ी गई है। इसके अलावा 10 अतिरिक्त टेलीफोन लाइनों से भी व्यवस्था को मज़बूत किया गया है।
फायर विभाग ने बताया कि इस बार राहत कार्यों में आधुनिक उपकरणों और तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। रेस्क्यू बोट्स को जीपीएस सिस्टम से लैस किया गया है, ताकि जलभराव वाले इलाकों में तुरंत पहुँच बनाई जा सके। इमरजेंसी वाहनों में वायरलेस संचार की सुविधा दी गई है, जिससे कंट्रोल रूम से सीधा संपर्क बना रहे। साथ ही, सभी टीमों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि किसी भी आपदा में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।