हीट स्ट्रोक, तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द और मानसिक स्थिति बिगड़ने जैसी समस्याओं में अचानक वृद्धि हुई है। अहमदाबाद शहर में भी इस अवधि में 345 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया, जो राज्य के 20 फीसदी से अधिक मरीज हैं।
गुजरात में मई की तपती गर्मी अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य की 108 एम्बुलेंस सेवा को इस वर्ष मई के शुरुआती 18 दिनों में पिछले साल की तुलना में 57 प्रतिशत अधिक मरीजों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा। हीट स्ट्रोक, तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द और मानसिक स्थिति बिगड़ने जैसी समस्याओं में अचानक वृद्धि हुई है। अहमदाबाद शहर में भी इस अवधि में 345 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया, जो राज्य के 20 फीसदी से अधिक मरीज हैं।
108 एम्बुलेंस सेवा के जन संपर्क अधिकारी विकास बिहानी ने बताया कि 1 से 18 मई 2025 के दौरान हीट से जुड़ी समस्याओं के कुल 1082 मरीज अस्पताल पहुंचाए गए थे, जबकि इसी अवधि में वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 1698 तक पहुंच गई। अप्रेल महीने में भले ही मामलों में कुछ कमी रही हो, लेकिन मई की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने विकराल रूप ले लिया।
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हीट इलनेस के मामलों में दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां ऐसे केवल 30 मामले सामने आए थे, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 117 तक पहुंच गई। ये करीब 290 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी तरह हाई फीवर के मामले 922 से बढ़कर 1453 हो गए, जो 57.59 प्रतिशत अधिक हैं। गंभीर सिरदर्द के मामलों में 600 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं अल्टर्ड मेंटल स्टेटस के मामले भी 1 से बढ़कर 5 हो गए। उल्टी और दस्त के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई। इन मरीजों की संखया 52 से बढ़कर 83 तक पहुंच गई। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर गर्मी का असर ज्यादा देखा जा रहा है।
अहमदाबाद में सामने आए 345 हीट संबंधी मामलों में हाई फीवर के सबसे अधिक 314 मामले हैं। साथ ही उल्टी दस्त के 10, पेट में गंभीर दर्ड के तीन और हीट इलनेस के 15 मरीजों को इमरजेंसी में अस्पताल पहुंचाया गया।
अहमदाबाद शहर के एमडी फिजिशियन डॉ. प्रवीण गर्ग ने बताया कि इस समय तेज गर्मी और लू के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, तेज बुखार और सिर दर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि लोग दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है।