पोक्सो के आरोप में कैद पति की जमानत याचिका में कमजोर दलील करने के नाम पर ऐंठे पैसे
Ahmedabad. खुद को गुजरात हाईकोर्ट में सरकारी वकील बताते हुए एक महिला से 20 हजार ऐंठने का मामला सामने आया है। सोला हाईकोर्ट पुलिस ने आरोपी मयंक संघाणी (27) को गिरफ्तार कर लिया। ये जामनगर के पीपला चौक कैलाश प्लाजा निवासी है।
आरोपी ने किसी प्रकार से महिला का मोबाइल नंबर प्राप्त कर उसे फोन कर कहा कि तुम्हारा पति 18 महीने से जेल में कैद है। उसकी जमानत याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस मामले में वह सरकारी वकील है। पति को जमानत मिले इसके लिए वह सरकारी वकील के तहत कमजोर दलील करेगा। ऐसा कहकर रूबरू मुलाकात कर महिला से 20 हजार रुपए ऐंठ लिए। उसके बाद फिर से पैसों की मांग की। ऐसे में महिला ने उसके निजी वकील को जानकारी दी, तो पता चला कि आरोपी सरकारी वकील नहीं है। ऐसे में 10 अप्रेल को महिला ने सोला हाईकोर्ट में शिकायत दी। इस पर कार्रवाई करते हुए पुुलिस आरोपी को धर दबोचा।
सोला पुलिस के तहत आरोपी मयंक संघाणी (27) पर वर्ष 2016 में उसके नाबालिग मित्र की हत्या करने का आरोप है। उसके बाद मित्र के पिता से दो करोड़ की फिरौती भी मांगी थी। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया था। जामनगर जिला जेल से पेरोल पर छूटने के बाद से यह फरार था।
आरोपी बीकॉम तक पढ़ा है। कंप्यूटर का जानकार है। हाईकोर्ट व अन्य कोर्ट की सुनवाई की ऑनलाइन याचिकाओं की जानकारी पाकर यह पीडि़त के परिवार का संपर्क करता था। खुद को सरकारी वकील बताता था। उनके विरुद्ध दलील न करने के नाम पर पैसे ऐंठता था। अन्य और को ठगने की आशंका है।