शहर में ब्रेकडाउन के कारण चिन्हित 16 स्थानों में से 14 जगहों पर मरम्मत और गड्ढे भरने का कार्य पूरा कर लिया गया है। गोता क्षेत्र के दो शेष स्थानों पर 23 और 30 जून तक काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा ड्रेनेज और स्टॉर्म वाटर लाइन से जुड़े 144 स्थलों में से 42 स्थानों पर फिलहाल बैरिकेडिंग के साथ काम चल रहा है।

अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) की स्थायी समिति की गुरुवार को हुई बैठक में कई अहम निर्णय किए गए। आगामी जलयात्रा से पहले साबरमती नदी में फिर पानी की धारा बहती दिखाई देगी। इसके लिए 22 जून से नदी में पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे नदी का जलस्तर बढ़ेगा और नदी की रौनक लौटेगी।
स्थायी समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने गुरुवार को संवाददाताओं को जानकारी दी कि कुबेरनगर अंडरपास के आगे स्थित आइटीआइ में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सड़क पार करने में होने वाली परेशानी को देखते हुए वहां फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक स्थान खाली कराने और निर्माण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
व्हाइट टॉपिंग और आरसीसी सड़कों के संबंध में उन्होंने कहा कि अब केवल उन्हीं स्थानों पर ऐसे सड़क निर्माण कार्य किए जाएंगे, जहां यूटिलिटी लाइनें सड़क के किनारे हों। बीच में लाइन होने पर पहले उन्हें स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि नई सड़कें बनने के कुछ महीनों बाद दोबारा खोदने की नौबत न आए।फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए उनकी चौड़ाई कम करने के प्रस्ताव पर भी समिति में विचार-विमर्श किया गया। स्थानीय आवश्यकता और सड़क की चौड़ाई के अनुसार भविष्य में कम चौड़ाई वाले फुटपाथ विकसित करने पर निर्णय लिया जा सकता है।
पटेल ने बताया कि मनपा के विभिन्न विभागों में विजिलेंस जांच के दौरान सामने आई वित्तीय अनियमितताओं और प्रक्रियागत गड़बड़ियों के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों के खिलाफ रिकवरी की कार्रवाई की गई है। जांच में कुल 3.26 करोड़ रुपए की राशि वसूल करने योग्य पाई गई, जिसमें से अब तक 1.63 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की जा चुकी है। इन मामले में मनपा आयुक्त के निर्देश पर चार अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस जांच जारी है।