
फाइल फोटो।
अहमदाबाद शहर में सड़क किनारे मिलने वाले पानीपूरी, भजिया, चाइनीज खाद्य पदार्थ, जूस और अन्य स्ट्रीट फूड का स्वाद अब केवल जुबान ही नहीं, बल्कि उसकी स्वच्छता और गुणवत्ता भी तय करेगी।ऐसा इसलिए है क्योंकि अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) ने स्ट्रीट फूड वेंडरों के लिए क्यूआर कोड आधारित रजिस्ट्रेशन और फीडबैक सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत अब तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 10,076 से अधिक स्ट्रीट फूड वेंडरों का पंजीयन किया जा चुका है।
खास बात यह है कि अब आम नागरिकों की रेटिंग के आधार पर हर महीने शहर के टॉप-5 स्ट्रीट फूड वेंडरों का चयन कर उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।मनपा के हेल्थ विभाग के फूड डिपार्टमेंट ने स्ट्रीट फूड कारोबार में पारदर्शिता, जवाबदेही और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह व्यवस्था शुरू की है। प्रत्येक पंजीकृत विक्रेता को एक यूनिक क्यूआर कोड उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे उसे अपने प्रतिष्ठान पर ऐसी जगह प्रदर्शित करना होगा, जहां ग्राहक आसानी से उसे देख और स्कैन कर सकें।
क्यूआर कोड स्कैन करने पर ग्राहक संबंधित विक्रेता की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा के मानकों के आधार पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकेंगे। नागरिकों से मिलने वाला यह फीडबैक सीधे मनपा की निगरानी व्यवस्था का हिस्सा बनेगा। यदि किसी फूड स्टॉल पर गंदगी, अस्वच्छ परिस्थितियां या खाद्य सुरक्षा संबंधी खामियां पाई जाती हैं तो उसकी जानकारी भी तत्काल मनपा तक पहुंच सकेगी, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
इस पहल का लाभ आम लोगों को सीधे तौर पर मिलेगा। अब ग्राहक केवल स्वाद के आधार पर नहीं, बल्कि स्वच्छता और गुणवत्ता के आधार पर स्ट्रीट फूड विक्रेताओं का चयन कर सकेंगे। दूसरी ओर, अच्छी रेटिंग पाने वाले विक्रेताओं को सम्मान मिलने से अन्य वेंडरों में भी बेहतर गुणवत्ता और साफ-सफाई बनाए रखने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित होगी।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक विक्रेता के व्यवसाय स्थल का जीपीएस लोकेशन भी दर्ज किया जा रहा है, जिससे मनपा को उनके सटीक स्थान की जानकारी उपलब्ध रहेगी और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सकेगी।
Published on:
18 Jun 2026 10:27 pm
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