
Ahmedabad. शहर में 14 सितंबर से गणेश महोत्सव का आगाज होने जा रहा है। शहर में जगह-जगह सार्वजनिक जगहों पर भी गणपति पंडाल तैयार कर वहां पर भगवान गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
शहर में बनने वाले गणपति पंडालों और उनमें दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए अहमदाबाद शहर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और मनपा की फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज टीम की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में मनपा की टीम ने विस्तृत फायर सेफ्टी गाइडलाइन पर चर्चा करने के बाद गुरुवार को उसे जारी किया है। 12 मुद्दों की गाइडलाइन का पालन सभी गणेश पंडालों और आयोजकों को अनिवार्य रूप से करना होगा।
गाइड लाइन के तहत गणपति पंडाल स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, ज्वलनशीप पदार्थ के गोदाम, इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन, हाईटेंशन लाइन या रेलवे लाइन के पास नहीं बनाए जा सकेंगे। इसे दूर बनाना होगा। हर बड़े पंडाल में कम से कम दो आपातकालीन निकास द्वार बनाने होंगे, जो परस्पर विपरीत दिशा में होंगे। निकास द्वार की चौड़ाई न्यूनतम 1.5 मीटर रखनी होगी। हवनकुंड का उपयोग केवल पर्याप्त अग्निसुरक्षा व्यवस्था के साथ ही किया जा सकेगा। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा संदेशों के लिए पंडालों में पब्लिक एड्रस सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाना होगा।
विद्युत सुरक्षा के लिए सभी इलैक्ट्रिक तारों को पीवीसी से कवर करना होगा। आइएस मानकों के अनुरूप इंस्टॉलेशन किया जाएगा। वायरिंग की सरकार मान्य इंजीनियर से जांच करानी जरूरी है। एसी पंडाल बनाने की स्थिति में पर्दे, कार्पेट को फायर रिटाइन्डन्ट पेइंट कराना जरूरी है। पंडाल के आकार और क्षमता के अनुसार एबीसी टाइप तथा सीओटू टाइप अग्निशामक यंत्र उपलब्ध कराने होंगे। पंडाल परिसर में धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
आयोजकों को पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और मनपा की अन्य शाखाओं से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा। आयोजकों को फायर प्रिवेंशन एंड सेफ्टी मेजर्स के तहत नोटरीकृत घोषणा-पत्र भी जमा करना होगा।
पंडाल के बाहर आयोजक को उसका नाम, मोबाइल नंबर, फायरमैन और फायर सेफ्टी के जानकार का नाम व मोबाइल नंबर और अन्य महत्वपूर्ण पुलिस, फायर, एंबुलेंस के हेल्पलाइन नंबर लिखा हुआ बोर्ड भी लगाना होगा।