अहमदाबाद

पाली में हुई हत्या का आरोपी 24 साल बाद अहमदाबाद से पकड़ाया

संपत्ती की रंजिश में रची गई थी साज़िश, कार से बाइक को टक्कर मार कर की गई थी हत्या, वाहन हादसा बताने का किया था प्रयास, शहर क्राइम ब्रांच की टीम ने पुख्ता सूचना के आधार पर पकड़ा
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अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में 24 साल बाद पकड़ा गया आरोपी।

Ahmedabad. 'कानून के हाथ लंबे होते हैं' इस कहावत को गुजरात पुलिस की अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच टीम ने चरितार्थ कर दिखाया है। राजस्थान के पाली जिले में 24 साल पहले 2002 में हुई एक युवक की हत्या के वांछित आरोपी को अहमदाबाद से पकड़ने में सफलता मिली है। आरोपी पिछले 24 सालों से राजस्थान पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। पहचान छुपाकर कभी मजदूरी करता तो कभी जमीन दलाली का काम करता था। राजस्थान पुलिस ने आरोपी के ऊपर पांच हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था।

शहर क्राइम ब्रांच के उपायुक्त अजीत राज्यान ने बताया कि पकड़े गए आरोपी का नाम दिनेश देसाई (54) है। यह मूल रूप से गुजरात के बनासकांठा जिले की कांकरेज तहसील के उचरपी गांव का रहने वाला है। इन दिनों अहमदाबाद शहर के वेजलपुर इलाके में रह रहा था। इसके यहां छिपे होने की सूचना मिलने पर टीम ने उसकी पुष्टि की। पहचान की पुष्टि होते ही आरोपी को पकड़ लिया। यह राजस्थान के पाली जिले के सादडी थाने में 2002 में दर्ज हत्या के मामले में 24 साल से फरार चल रहा था। इसके पकड़े जाने की सूचना राजस्थान पुलिस को दे दी गई है।

विरासत की रंजिश बनी कत्ल की वजह

क्राइम ब्रांच सूत्रों के तहत राजस्थान के पाली जिले के सादड़ी थाना क्षेत्र स्थित डूंगली गांव में पैतृक संपत्ति और व्यापार को लेकर दो भाइयों के बीच रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के तहत खीमाराम उर्फ रमेश नाई और हीराचंद नाई ने उसके मित्र दिनेश देसाई, किशनसिंह राजपूत, रामजी राबारी के साथ मिलकर साजिश रची। अहमदाबाद से एक कार लेकर आरोपी अहमदाबाद से पाली गए। वहां आरोपियों ने पाली के डूंगली बेरा तिलावा के पास जब दलाराम नाई अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी पीछे से जान बूझकर कार से उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि दलाराम की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए, ताकि पुलिस इसे वाहन हादसे का मामला समझे। हालांकि, शुरुआती जांच और परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जल्द ही मामले को भांप लिया कि यह हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। ऐसे में सादड़ी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में और आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। आरोपी दिनेश देसाई फरार चल रहा था।

पकड़े जाने के डर से की दिहाड़ी मजदूरी, पांच हजार इनाम

क्राइम ब्रांच के पीआइ ए.पी.जेबलिया ने बताया कि 24 सालों के दौरान आरोपी दिनेश अलग-अलग इलाकों में जाकर दिहाड़ी मजदूरी करता रहा ताकि पुलिस उस तक न पहुंचे। घटना के तुरंत बाद ही यह अहमदाबाद से बनासकांठा जिले में उसके गांव में चला गया। वहां काफी समय रहा, उसके बाद इसने अलग-अलग जगहों पर दिहाड़ी मजूरी की। जब लगा कि अब पुलिस उसे नहीं तलाश रही है तो यह अहमदाबाद के वेजलपुर इलाके में इसकी पत्नी के भाई के यहां रहा और जमीन दलाली का काम करने लगा। हालांकि यह यहां पर भी अपना ठिकाना बदलता रहता था। आरोपी पर राजस्थान पुलिस ने पांच हजार का इनाम घोषित कर रखा था।

Updated on:
20 Sept 2026 10:38 pm
Published on:
20 Sept 2026 10:38 pm