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बेटी की शादी को लिए 30 लाख नहीं लौटाकर व्यापारी को लगाई चपत

दोस्ती के नाम पर दगाबाजी के दो मामले आए सामने, शहर क्राइम ब्रांच में सूरत निवासी दो भाईयों के खिलाफ वहीं सेटेलाइट में मां-बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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एआइ से तैयार की गई तस्वीर।

Ahmedabad. दोस्ती और भरोसे का फायदा उठाकर लाखों रुपए ऐंठने और फिर मुकरने के दो मामले सामने आए हैं। शहर क्राइम ब्रांच और सेटेलाइट थाने में ठगी एवं विश्वासघात के मामले दर्ज हुए हैं। इनमें बेटी की शादी का बहाना बनाकर लिए गए रुपए नहीं लौटाने और नए कारोबार में ठगी के आरोप हैं।

पहले मामले में शहर के जमालपुर फूल बाजार के व्यापारी रिजवान पटेल (38) से उनके मित्र व दो सगे भाइयों ने बेटी की शादी का बहाना बनाकर 2023 में लिए 30 लाख रुपए नहीं लौटाने का मामला क्राइम ब्रांच में दर्ज कराया है। इसमें सूरत के सिद्दीक सोडावाला एवं जुबेर सोडावाला के विरुद्ध ठगी एवं विश्वासघात का आरोप लगाया गया है।

रिजवान के अनुसार आरोपियों से करीब 5 साल पहले फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई थी। जमीन लेन-देन का काम करने वाले इन दोनों भाइयों ने वर्ष 2023 में रिजवान के घर आकर जुबेर की बड़ी बेटी की शादी के लिए 30 लाख रुपए की मांग की थी। रिजवान ने बैंक से भुगतान की शर्त रखी तो इनकम टैक्स का बहाना बनाकर अपने परिचितों के खातों में रुपए जमा कराने को कहा। उसने 21 अक्टूबर 2023 को अनीश हास्मानी के खाते में 10 लाख रुपए तथा 27 अक्टूबर 2023 को ग्रूम ट्रेडर्स के खाते में 20 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए दोनों भाईयों को भेजे। इसके बदले आरोपियों ने 10-10 लाख रुपए के तीन चेक रिजवान को दिए थे।

अक्टूबर 2024 में समय सीमा समाप्त होने पर जब रुपए मांगे गए तो आरोपी टालमटोल करने लगे। सितंबर 2025 और नवंबर 2025 में चेक बैंक में जमा कराने पर खाते में पर्याप्त राशि न होने से चेक बाउंस हो गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने जानबूझकर समय बिताया ताकि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की समय सीमा बीत जाए। मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा को सौंपी गई है।

नए धंधे के नाम पर महिला मैनेजर से 35 लाख रुपए की ठगी

Ahmedabad. 35 लाख की धोखाधड़ी का दूसरा मामला शहर के सेटेलाइट थाने में दर्ज किया गया। निजी कंपनी में टेरिटरी मैनेजर के पद पर कार्यरत जुई शाह (37) ने पुराने दोस्त हितेन्द्र काकुलपति एवं उसकी मां वाणी काकुलपति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।

पुलिस के मुताबिक जुई की सोला निवासी हितेन्द्र से वर्ष 2016 में पहचान हुई थी। अगस्त 2023 में महिला हितेन्द्र के सेटेलाइट स्थित कार्यालय में गईं, तो हितेन्द्र, उसकी पत्नी स्वाती और मां वाणी ने नया व्यवसाय शुरू करने के नाम पर तीन-चार महीने के लिए 25 लाख रुपए उधार मांगे। जुई ने भरोसे में आकर चार अप्रेल 2024 को आरटीजीएस के जरिए वाणी के बैंक खाते में 25 लाख रुपए ट्रांसफर किए। यह राशि दो से तीन महीने में लौटाने की बात कही थी। इसके कुछ दिनों बात ही हितेन्द्र ने एक महीने के लिए 10 लाख रुपए और मांगे। इस पर जुई ने उसके भाई श्रेणिक के जरिए 25 अप्रेल 2024 को हितेन्द्र के खाते में 10 लाख रुपए ट्रांसफर करवा कर दिए। ऐसे में दो बार में 35 लाख रुपए लेने के बाद जब पैसे लौटाने की बारी आई तो आरोपी बहाने बनाते रहे। नवंबर 2025 में आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया और अपना घर बंद कर फरार हो गए। फरवरी 2026 में फोन करने पर आरोपी की मां ने फोन नहीं करने की चेतावनी दी। ठगी का अहसास होने पर सेटेलाइट थाने में पीडि़ता ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।