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Gujarat: 3.76 करोड़ रुपए की डिजिटल अरेस्ट ठगी में 3 आरोपी गिरफ्तार

फर्जी एप से लोन दिलाने के नाम पर हैक करते थे मोबाइल, साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने राजस्थान और चंडीगढ़ से पकड़ा, डिजिटल क्रिप्टो करेंसी के जरिए रकम को इधर-उधर करते थे। आरोपियों से 4 मोबाइल फोन जब्त किए गए।
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साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टीम की गिरफ्त में आरोपी।

Ahmedabad. डिजिटल अरेस्ट कर 3.76 करोड़ रुपए की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (गांधीनगर) की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में राजस्थान के अजमेर जिले की ब्यावर तहसील के दौलतपुरा गांव के गोपाल राम व रामगढ़ (चांग) के नेकदीन कठात और हरियाणा के जींद जिले में सफीदों रोड (गोल्डन हाट के पास) निवासी दीपक कुंडू शामिल है। राजस्थान के दोनों आरोपियों को अजमेर से और दीपक को चंडीगढ़ से पकड़ा। जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी के लिए करते थे। डिजिटल क्रिप्टो करेंसी के जरिए रकम को इधर-उधर करते थे। आरोपियों से 4 मोबाइल फोन जब्त किए गए।

ऑनलाइन लोन लेने के इच्छुक लोगों को बनाते निशाना

साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत आरोपियों की ओर से ठगी के लिए नई मोडस ऑपरेंडी अपनाए जाने की बात सामने आई है। आरोपी साइबर ठगी के पैसों को रफा-दफा करने के लिए ऑनलाइन लोन लेने के इच्छुक लोगों को निशाना बनाते थे। उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। इसके लिए आरोपियों ने नियो फाइनेंस एप और पुशबुलेट एप का उपयोग किया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी गई 3.76 करोड़ की राशि को ऑनलाइन लोन के इच्छुक लोगों के खातों में जमा करते हुए बल्क ट्रांजेक्शन कर अन्य खातों में भेजा। इसके लिए आरोपियों ने 'नियो फाइनेंस' नामक कंपनी के जरिए ऑनलाइन लोन देने का लालच दिया। आवेदकों से जरूरी दस्तावेज मंगवाए। उनसे प्ले स्टोर से 'पुशबुलेट' नामक एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई। आइडी और पासवर्ड देकर लॉग इन कराया। लॉग इन करने पर आवेदकों का मोबाइल फोन आरोपियों ने हैक कर लिया। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट से ठगे गए करोड़ों रुपए उनके खातों में डालकर बल्क ट्रांजैक्शन से अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए। ऐसे में ऑनलाइन लोन लेने वाले आवेदक भी इनका शिकार हुए। आरोपियों की नई मोडस ऑपरेंडी (एमओ) सामने आई है।

देशभर के 13 राज्यों में दर्ज हैं 29 एफआइआर

आरोपियों के मोबाइल की जांच में 7 बैंक खातों का विवरण मिला है, जिन्हें राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर चेक करने पर पता चला कि इन खातों से देशभर में 83.11 लाख से अधिक की साइबर ठगी की गई है। इनके खिलाफ कर्नाटक में 7, पश्चिम बंगाल व तमिनलाडु में 3-3, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश व झारखंड में 2-2, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में 1-1 समेत कुल 29 शिकायतें दर्ज हैं।

कमीशन के लिए दी थी बैंक खाते की जानकारी

जांच में सामने आया कि राजस्थान से पकड़े गए दोनों आरोपियों ने भागीदारी में फर्म का खाता खोला। उस खाते में करीब 70 लाख रुपए के अवैध लेन-देन किए गए। साथ ही कमीशन के चक्कर में बैंक खाते की जानकारी साइबर ठग गिरोह को दी थी। खातों में जमा हुई राशि को भी इधर-उधर किया। चंडीगढ़ से पकड़े गए आरोपी ने ठगी गई राशि को क्रिप्टो ट्रांजैक्शन और नकदी ट्रांसफर के जरिए अन्य आरोपियों तक पहुंचाया।