
Ahmedabad अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेस हाई-वे स्थित रामोल टोल टैक्स नाका के पास से 25 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच की टीम ने सूरत क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। उत्तर प्रदेश मूल के इन आरोपियों के कब्जे से बरामद की गई ड्रग्स में 4.50 किलो से ज्यादा हेरोइन और 2.50 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी ड्रग्स) शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के साथ छह मोबाइल फोन, 43,600 रुपए नकद, एक एसयूवी कार समेत 25.65 करोड़ का माल जब्त किया।
शहर पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि बीते करीब एक साल से इन आरोपियों पर नजर रखी जा रही थी। बुधवार को सूरत और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीमों ने संयुक्त रूप से जाल बिछाकर रामोल टोल टैक्स नाका के पास दिल्ली पासिंग की कार में सवार तीन आरोपियों को दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में कफील अहमद उर्फ जावेद अंसारी (59), तिफले नौखेज मुस्लिम (44) और मोहम्मद इमरान उर्फ राजा अलवी (42) शामिल हैं। कफील मैनपुरी जिले के भोगांव कस्बा के करियानीव मोहल्ले का निवासी है और तिफले बुलंदशहर जिले के कमालपुर गांव का रहने वाला है। दोनों वर्तमान में दिल्ली में जाकिरनगर में ही रह रहे थे। इमरान मेरठ शहर में जीबीआइ कोलोनी में रहता है और दिल्ली में ओखला विहार में भी उसका निवास है।
पुलिस आयुक्त गहलोत ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों से मिली ढाई किलोग्राम एमडी ड्रग्स को आरोपी कफील ने राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानी मंडी निवासी शकील मोहम्मद बशीर मोहम्मद से खरीदा था। आरोपी तिफले ने हेरोइन का जखीरा अफगानिस्तान के कंधार शहर में रहने वाले रहमत गुल नामक व्यक्ति के माध्यम से मंगवाया था, जिसका परिचित व्यक्ति दिल्ली के लाजपत नगर में यह माल देकर गया था। आरोपियों ने बॉर्डर से ड्रोन के जरिए इस ड्रग्स को सीमा पार से मंगवाया था। वहां से यह दिल्ली पहुंचाई गई थी। ड्रग्स वाली कार तिफले की बताई जाती है।
पुलिस आयुक्त के मुताबिक आरोपियों ने ड्रग्स को इंस्टेंट ड्रिंक, रेजिडेंट्स, चॉकलेट के पैकेटों में पार्सल पैक कर कार में छिपाया था। हेरोइन, एमडी ड्रग्स दोनों को गुजरात के राजकोट के असलम नामक व्यक्ति द्वारा मंगवाया गया था। उसे देने को तीनों कार में ड्रग्स को रखकर अहमदाबाद आ रहे थे। पुख्ता सूचना पर इन्हें अहमदाबाद पहुंचते ही पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपी कफील और तिफले का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। कफील को जयपुर के दो और गुजरात के एक मामले में कुल 45 साल की सजा हो चुकी है जो वह जमानत पर बाहर था। 2014 में जयपुर शहर में एनसीबी ने 18 किलो चरस केस में पकड़ा था, जिसमें उसे 15 साल की सजा हुई। वर्ष 2015 में जयपुर एटीएस और एसओजी ने 3 किलो अल्प्राजोलम ड्रग्स केस में उसे पकड़ा जिसमें उसे 20 साल की सजा हुई। वर्ष 2014 में ही गुजरात एनसीबी ने एंन्फ्राटामाइन ड्रग्स केस में पकड़ा, जिसमें उसे 10 साल की सजा हुई। वह 9 वर्ष जयपुर और 1 वर्ष साबरमती जेल में सजा काट चुका है। उधर आरोपी तिफले वर्ष 2014 में पंजाब के तरनतारन में हेरोइन केस में पकड़ा गया था। वर्ष 2019 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अफगान नागरिकों के साथ 330 किलो और वर्ष 2021 में 54 किलो हेरोइन मामले में पकड़ा था। 10 महीने पहले दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने में कार चोरी के मामले में वह पकड़ा जा चुका है। आरोपी इमरान 2017 में दिल्ली में छेड़छाड़ व मारपीट और 2023 में धोखाधड़ी केस में पकड़ा जा चुका है। वर्तमान में वह कैटरिंग और ड्राइविंग का काम करते हुए ड्रग्स की हेराफेरी कर रहा था।