
Ahmedabad. शहर के मोटेरा इलाके में एक बुजुर्ग दंपत्ती के फ्लैट पर किराएदारों की ओर से कब्जा जमाने का मामला सामने आया है। लिव एंड लाइसेंस का अनुबंध समाप्त होने के बावजूद फ्लैट खाली न करने और पांच लाख रुपए का किराया भी नहीं चुकाने का आरोप है। इस संबंध में चार लोगों के खिलाफ भूमि हथियाने (लैंड ग्रेबिंग) और अन्य धाराओं के तहत चांदखेड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आरोपियों में अहमदाबाद के मोटेरा स्थित रत्नम-1 फ्लैट निवासी नीलम शाह, संजय शाह, धनंजय शाह, मृत्यंजय शाह शामिल हैं।
शिकायतकर्ता के पूजा मिश्रा ने उनके माता-पिता प्रणिता मिश्रा और शरतकुमार मिश्रा की ओर से एफआइआर दर्ज कराई है। इसमें बताया कि उनके माता-पिता बुजुर्ग हैं। उन्होंने मोटेरा में रत्नम-1 में तीन बेडरूम-हॉल-रसोड़ा और छत वाला फ्लैट नंबर 501 वर्ष 2008 में लिया था। उसकी कीमत इस समय 60 लाख रुपए है। इस फ्लैट को उन्होंने नीलम शाह को 1 जुलाई 2023 से 31 मई 2024 तक के लिए 11 महीने के लिव एंड लाइसेंस अनुबंध पर 19,500 रुपए मासिक किराए पर दिया था। आरोपी नीलम ने अन्य आरोपियों यानी अपने भाइयों संजय, धनंजय और मृत्यंजय को भी बिना बताए फ्लैट में बुलाकर साथ रखना शुरू कर दिया।
अप्रैल 2024 से इन लोगों ने मकान का किराया देना बंद कर दिया। अलग-अलग बहाने बनाकर आज दिन तक 5,85,000 रुपए का किराया नहीं चुकाया ना ही मकान खाली किया। बकाया किराया मांगने पर आरोपियों ने वरिष्ठ नागरिक (सीनियर सिटीजन) दंपति को डराया-धमकाया और पैर तोडऩे की धमकी दी। वकील के जरिए नोटिस भेजने पर झूठी बदनामी की शिकायत करने की धमकी दी। अनुबंध समाप्त होने के बावजूद आरोपी अनधिकृत रूप से कब्जा जमाकर बैठे रहे और फर्नीचर का भी 4,68,000 रुपए का नुकसान किया। आखिरकर इस संबंध में आरोपियों के विरुद्ध कलक्टर कार्यालय में लैंड ग्रेबिंग एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए शिकायत दी गई। कलक्टर कार्यालय के आदेश पर चांदखेड़ा पुलिस स्टेशन में गुजरात भूमि हथियाने पर प्रतिबंध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत गुनाह दर्ज किया गया है।
एफआइआर में शिकायतकर्ता ने इन आरोपियों पर आरोप लगाया है कि इन्होंने एक अन्य व्यक्ति महेन्द्र सिंह तलवाडिया की दुकान को भी हड़प लिया है। यह मकान और दुकान पर कब्जा जमाने की आदत वाले हैं।