अहमदाबाद

Ahmedabad : सिविल अस्पताल में 297 महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग, 23 को बायोप्सी की सलाह

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बीमारी की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।
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Updated: 2 Nov 2026, 10:25 PM IST
ahmedabad civil hospital
फाइल फोटो।

Ahmedabad: शहर के सिविल अस्पताल की ओर से अक्टूबर में पिंक अक्टूबर यानी ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के तहत विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया। अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग ने इस दौरान 28 से 71 वर्ष आयु वर्ग की 297 महिलाओं की मैमोग्राफी और सोनोग्राफी जांच की। इनमें 23 महिलाओं में संदिग्ध गांठ या बदलाव मिलने पर आगे की जांच और बायोप्सी कराने की सलाह दी गई है।

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि जांच में शामिल 297 महिलाओं में 40 वर्ष से कम आयु की 49 और 40 वर्ष से अधिक आयु की 248 महिलाएं थीं। इनमें 211 महिलाओं की मैमोग्राफी और सोनोग्राफी दोनों जांच की गई, जबकि 77 की केवल मैमोग्राफी और 9 महिलाओं की केवल सोनोग्राफी की गई।

265 महिलाओं की रिपोर्ट सामान्य

डॉ. जोशी के अनुसार, मैमोग्राफी कराने वाली 288 महिलाओं में से 265 की रिपोर्ट सामान्य या कम जोखिम वाली रही। वहीं, 23 महिलाओं में संदिग्ध गांठ अथवा अन्य बदलाव नजर आए। इनमें से पांच महिलाओं की बायोप्सी हो चुकी है। इनमें दो की रिपोर्ट गैर-कैंसरग्रस्त आई है, जबकि तीन की रिपोर्ट लंबित है। शेष 18 महिलाओं को बायोप्सी कराने के लिए परामर्श दिया गया है। केवल सोनोग्राफी कराने वाली नौ महिलाओं में से दो में भी संदिग्ध लक्षण मिले हैं और उन्हें बायोप्सी की सलाह दी गई है।

35 वर्ष से कम आयु की 116 युवतियां

अभियान के तहत 35 वर्ष से कम उम्र की 116 युवतियों की सोनोग्राफी की गई। इनमें दो युवतियों में संदिग्ध लक्षण मिलने पर बायोप्सी कराने का सुझाव दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, कम उम्र की महिलाओं में सामान्यत: सोनोग्राफी और उम्र तथा जोखिम के आधार पर मैमोग्राफी की सलाह दी जाती है। स्तन या बगल में नई गांठ, स्तन के आकार में बदलाव, त्वचा पर लालिमा या गड्ढे पड़ना तथा निप्पल से खून या असामान्य तरल निकलना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआती अवस्था में कई बार दर्द नहीं होता, इसलिए नियमित जांच और समय पर चिकित्सकीय परामर्श जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

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2 Nov 2026, 10:25 PM IST
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