जलजनित रोगों के सैकड़ों मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां बरकरार हैं।क्लोरीन टेस्ट के 27 नमूने फेलपानी की गुणवत्ता की जांच में भी खामियां सामने आई हैं। जून के शुरूआती 14 दिनों में 25,709 क्लोरीन टेस्ट किए गए, जिनमें 27 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। वहीं 3794 पानी के नमूनों की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच कराने पर 30 नमूने अनफिट मिले हैं। जनवरी से 14 जून तक पानी के 39789 नमूनों की जांच की गई, जिसमें 151 नमूने अनफिट पाए गए हैं।33 हजार से अधिक रक्त के नमूनों की जांचरोगों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर जांच अभियान भी चलाया जा रहा है।

Ahmedabad: मानसून की दस्तक से पहले अहमदाबाद में जलजनित बीमारियों के मामले चिंता बढ़ाने वाले हैं। अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून के शुरूआती 14 दिनों में ही उल्टी-दस्त, पीलिया और टाइफाइड के 506 मरीज सामने आए हैं। हालांकि इस अवधि में हैजा का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है।आंकड़ों के मुताबिक एक से 14 जून के बीच दस्त-उल्टी के 385, पीलिया के 33 और टाइफाइड के 88 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बीमारियों की रोकथाम के लिए पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और क्लोरीनेशन की कार्यवाही की जा रही है।
जून के पहले पखवाड़े में रक्त के 33,775 नमूनों की जांच की गई, जबकि डेंगू की जांच के लिए 1,545 सीरम सैंपल लिए गए। जनवरी से अब तक 8.12 लाख से अधिक रक्त नमूनों और 22,685 सीरम सैंपलों की जांच की जा चुकी है।
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भाविन सोलंकी के अनुसार मानसून पूर्व सर्विलांस, फॉगिंग, मच्छरों को नष्ट करने की कार्रवाई, क्लोरीनेशन और जनजागरूकता अभियान को तेज किया गया है। इन प्रयासों के कारण डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छरजनित रोगों के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई है।
अहमदाबाद शहर के उत्तर पश्चिम जोन के रणुजानगर -2 क्षेत्र में दूषित पानी की शिकायत मिलने के बाद हरकत में आई मनपा की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वे किया। मनपा के अनुसार सर्वे के दौरान दस्त और उल्टी सहित किसी भी जलजनित रोग का मरीज नहीं मिला।जोन के अंतर्गत आंबली शहरी स्वास्थ्य केंद्र (यूएचसी) की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच की और परिवारों से जानकारी जुटाई। इस सर्वे के दौरान एहतियात के तौर पर लोगों को ओआरएस के पैकेट, जिंक टैबलेट तथा पेयजल को शुद्ध करने के लिए क्लोरीन टैबलेट वितरित की गईं। साथ ही सुरक्षित पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा मानसून के दौरान जलजनित रोगों से बचाव के संबंध में जागरूकता भी फैलाई गई।