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Ahmedabad: अब बताएगा सिस्टम… अहमदाबाद के किस वार्ड में कितनी बरसेगी बारिश

अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) ने इसके लिए अत्याधुनिक वेब आधारित एकीकृत मॉडलिंग एवं डिसीजन सपोर्ट प्रणाली लागू की है, जिससे वार्ड स्तर तक वर्षा का सटीक आकलन किया जा सकेगा।सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कम्प्यूटिंग (सी-डैक), पुणे के हाई परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग प्लेटफॉर्म से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तैयार यह प्रणाली मानसून प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाएगी। इससे जलभराव, ट्रैफिक अव्यवस्था और आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन को पहले से तैयारी का अवसर मिलेगा।

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Ahmedabad AMC News

फाइल फोटो।

Ahmedabad: मानसून के दौरान अब अहमदाबाद के लोगों को यह जानने के लिए पूरे शहर के एक ही मौसम पूर्वानुमान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा कि बारिश कहां और कितनी होगी। अब शहर के किस वार्ड में कितनी बारिश होने की संभावना है, इसका पूर्वानुमान भी पहले से उपलब्ध होगा।

डेढ़ किलोमीटर के दायरे में मिलेगा सटीक पूर्वानुमान

नई प्रणाली वेदर रिसर्च एंड फोरकास्टिंग (डब्ल्यूआरएफ) मॉडल पर आधारित है, जो करीब डेढ़ किलोमीटर रेजोल्यूशन पर वर्षा का पूर्वानुमान तैयार करती है। इसमें अलग-अलग रंगों के माध्यम से संभावित वर्षा की तीव्रता दर्शाई जाएगी, जिससे यह आसानी से समझा जा सकेगा कि शहर के किस हिस्से में भारी, मध्यम अथवा सामान्य बारिश होने की संभावना है। यह तकनीक अहमदाबाद जैसे शहर के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जलभराव और ट्रैफिक से निपटने में मिलेगी बढ़तमनपा अधिकारियों के अनुसार वार्ड स्तर के पूर्वानुमान के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से पंपिंग मशीनें, राहत दल और आवश्यक संसाधन तैनात किए जा सकेंगे। इससे जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने, ट्रैफिक डायवर्जन की पूर्व तैयारी करने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

शहर में औसत वर्षा 826 मिलीमीटर

अहमदाबाद शहर में वर्ष 1996 से 2025 के बीच औसत वर्षा 826 मिलीमीटर दर्ज की गई है। यह अहमदाबाद जिले की 676 मिलीमीटर औसत वर्षा से काफी अधिक है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा एक समान नहीं होती है, जिस कारण कई बार कुछ इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन जाती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में सामान्य बारिश होती है।

अनुमान नहीं, अब डेटा आधारित होगा मानसून प्रबंधन

यह पहली बार होगा जब अहमदाबाद में मानसून प्रबंधन केवल सामान्य अनुमान के बजाय सूक्ष्म वैज्ञानिक आंकड़ों और स्थानीय जरूरतों के आधार पर किया जाएगा। मनपा का मानना है कि नई प्रणाली से नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

नई प्रणाली से ये बदलेगा

पहली बार हर वार्ड के लिए अलग वर्षा पूर्वानुमान

-डेढ़ किलोमीटर दायरे में बारिश का आकलन-रंग आधारित फोरकास्ट से भारी बारिश वाले क्षेत्रों की पहचान आसान

-जलभराव संभावित इलाकों में पहले से तैयारी-पंपिंग मशीनों और राहत दलों की अग्रिम तैनाती

-ट्रैफिक प्रबंधन और डायवर्जन की बेहतर योजना-आपदा प्रबंधन होगा अधिक तेज और प्रभावी