
रणुजानगर में ओआरएस पैकेट व अन्य सामग्री का वितरण करते स्वास्थ्य कर्मी।
Ahmedabad: मानसून की दस्तक से पहले अहमदाबाद में जलजनित बीमारियों के मामले चिंता बढ़ाने वाले हैं। अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून के शुरूआती 14 दिनों में ही उल्टी-दस्त, पीलिया और टाइफाइड के 506 मरीज सामने आए हैं। हालांकि इस अवधि में हैजा का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है।आंकड़ों के मुताबिक एक से 14 जून के बीच दस्त-उल्टी के 385, पीलिया के 33 और टाइफाइड के 88 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बीमारियों की रोकथाम के लिए पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और क्लोरीनेशन की कार्यवाही की जा रही है।
जून के पहले पखवाड़े में रक्त के 33,775 नमूनों की जांच की गई, जबकि डेंगू की जांच के लिए 1,545 सीरम सैंपल लिए गए। जनवरी से अब तक 8.12 लाख से अधिक रक्त नमूनों और 22,685 सीरम सैंपलों की जांच की जा चुकी है।
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भाविन सोलंकी के अनुसार मानसून पूर्व सर्विलांस, फॉगिंग, मच्छरों को नष्ट करने की कार्रवाई, क्लोरीनेशन और जनजागरूकता अभियान को तेज किया गया है। इन प्रयासों के कारण डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छरजनित रोगों के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई है।
अहमदाबाद शहर के उत्तर पश्चिम जोन के रणुजानगर -2 क्षेत्र में दूषित पानी की शिकायत मिलने के बाद हरकत में आई मनपा की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वे किया। मनपा के अनुसार सर्वे के दौरान दस्त और उल्टी सहित किसी भी जलजनित रोग का मरीज नहीं मिला।जोन के अंतर्गत आंबली शहरी स्वास्थ्य केंद्र (यूएचसी) की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच की और परिवारों से जानकारी जुटाई। इस सर्वे के दौरान एहतियात के तौर पर लोगों को ओआरएस के पैकेट, जिंक टैबलेट तथा पेयजल को शुद्ध करने के लिए क्लोरीन टैबलेट वितरित की गईं। साथ ही सुरक्षित पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा मानसून के दौरान जलजनित रोगों से बचाव के संबंध में जागरूकता भी फैलाई गई।
Published on:
16 Jun 2026 10:22 pm
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