पालडी स्थित मुख्य कंट्रोल रूम के अलावा सातों जोन में कुल 25 कंट्रोल रूम शुरू हुए हैं। यह तीन शिफ्टों में 24 घंटे कार्यरत रहेंगे। इनको वायरलेस सिस्टम और सभी अंडरपास में लगे कैमरों से जोड़ा गया है। जल जमाव की समस्या सेनिपटने के लिए सीसीटीवी कैमरों के जरिए ब्रिज, अंडरपास व अन्य क्षेत्रों में नजर रखी जाएगी।

Ahmedabad: मानसून के आगमन से पहले अहमदाबाद महानगरपालिका ने बारिश से उत्पन्न होने वाली प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दीं हैं। इसके लिए मानसून केंद्रीय कंट्रोल रूम से लेकर सातों जोन में कंट्रोल रूम सहित कुल 25 कंट्रोलरूम शुरू कर दिए हैं।
रियल टाइम मॉनीटरिंग सिस्टम, डी-वाटरिंग पंप और आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर दिया है। महापौर हितेश बारोट ने मनपा आयुक्त को छह पन्नों का पत्र लिखकर सभी विभागों को पूर्व तैयारियों के साथ अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए हैं।आगामी मानसून को देखते हुए मनपा ने शहर में जलभराव, पेड़ गिरने, सड़क धंसने, अंडरपास में पानी भरने और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था का दावा किया है।
पालडी स्थित मुख्य कंट्रोल रूम के अलावा सातों जोन में कुल 25 कंट्रोल रूम शुरू हुए हैं। यह तीन शिफ्टों में 24 घंटे कार्यरत रहेंगे। इनको वायरलेस सिस्टम और सभी अंडरपास में लगे कैमरों से जोड़ा गया है। जल जमाव की समस्या सेनिपटने के लिए सीसीटीवी कैमरों के जरिए ब्रिज, अंडरपास व अन्य क्षेत्रों में नजर रखी जाएगी।
40 डी-वॉटरिंग पंप की व्यवस्था, स्टाफ को दिया प्रशिक्षणबारिश की स्थिति पर नजर रखने के लिए शहर में 42 ऑटोमैटिक रेन गेज और 13 एनालॉग रेन डाटा लॉगर स्थापित किए हैं। वहीं 1790 सीसीटीवी कैमरों के जरिए प्रमुख चौराहों और अंडरपासों की रियल टाइम मॉनीटरिंग की जाएगी। निचले इलाकों से पानी की त्वरित निकासी के लिए 40 हाई कैपेसिटी डी-वाटरिंग पंप सुनिश्चित किए हैँ। स्टाफ को भी प्रशिक्षण दिया है।
महापौर बारोट ने पत्र में विशेष रूप से ड्रेनेज और कूड़े की सफाई, गड्ढों की मरम्मत, खतरनाक भवनों और होर्डिंग्स की निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन, पेड़ों की छंटाई, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि बारिश के दौरान नागरिकों को परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इसके लिए मनपा ने फायर ब्रिगेड, ट्रैफिक पुलिस, टोरेंट पावर और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वित कार्रवाई की भी रूपरेखा तैयार की है। साथ ही सोशल मीडिया, व्हाट्सएप संदेशों और मीडिया के माध्यम से शहरवासियों को मौसम और शहर की स्थिति की नियमित जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।