अहमदाबाद

कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक की तैयारी तेज, शहर में सुरक्षित, स्मार्ट परिवहन पर फोकस

कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में संभावित ओलंपिक खेलों की तैयारियों के तहत शहरी परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। इसी क्रम में अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय क्षमता विकास कार्यशाला आयोजित की गई।
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साइकिलों के साथ राइडर व अन्य।

Ahmedabad: शहर में 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में संभावित ओलंपिक खेलों की तैयारियों के तहत शहरी परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। इसी क्रम में अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय क्षमता विकास कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक सड़क ढांचा विकसित करने पर जोर दिया गया।

इसमें शहरी परिवहन विशेषज्ञ, सरकारी अधिकारी, कंसल्टेंट, प्लानर, आर्किटेक्ट, शोधकर्ता और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसका आयोजन सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी-एयर क्वालिटी, क्लाइमेट एक्शन एंड एक्सेसिबिलिटी परियोजना के तहत किया गया, जिसे केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा जीआइजेड इंडिया के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य सुरक्षित सड़क, साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए बेहतर ढांचे पर मंथन करना है। इसका लाभ आगामी दिनों में शहरवासियों को मिलने लगेगा।

कार्यशाला का ऑन-साइट लर्निंग सत्र प्रमुख आकर्षण

कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण ऑन-साइट लर्निंग सत्र रहा। प्रतिभागियों ने शहर की सड़कों का मौके पर जाकर अध्ययन किया और व्यावहारिक डिजाइन सुझाव तैयार किए। गाइडेड साइकिल राइड के जरिए प्रतिभागियों ने शहर के साइकिलिंग नेटवर्क का प्रत्यक्ष अनुभव लिया।

स्टेडियम ही आधुनिक नहीं बल्कि शहरी परिवहन व्यवस्था जरूरी

कार्यक्रम में नीदरलैंड सरकार के सहयोग से डच साइक्लिंग एंबेसी और एक्टिव प्रोग्राम के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लेकर दुनिया के विभिन्न शहरों में अपनाए गए सफल पैदल और साइकिल आधारित शहरी विकास मॉडल साझा किए। विशेषज्ञों ने बताया कि भविष्य के बड़े खेल आयोजनों के लिए केवल आधुनिक स्टेडियम ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और सुगम शहरी परिवहन व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है।

प्रशिक्षण के दौरान कम्प्लीट स्ट्रीट्स , सुरक्षित चौराहा डिजाइन, यूनिवर्सल एक्सेसिबिलिटी, साइकिलिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, पैदल यात्रियों की सुरक्षा तथा सार्वजनिक परिवहन से वॉकिंग और साइकिलिंग को जोड़ने जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई

Published on:
02 Jul 2026 10:12 pm