
अहमदाबाद शहर में मानसून के दौरान जल जनित और मच्छर जनित बीमारियां बढ़ती नजर आ रही हैं। महानगरपालिका (मनपा) के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई के पहले 19 दिनों में शहर में जल जनित बीमारियों के 505 नए मरीज सामने आए हैं। शहर में उल्टी-दस्त के 283, टाइफाइड के 184 और पीलिया के 45 मरीज शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष एक जनवरी से 19 जुलाई तक शहर में जलजनित बीमारियों के 4944 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे अधिक उल्टी-दस्त के 3417, टाइफाइड के 1118 और पीलिया के 409 मरीज शामिल हैं। दूसरी ओर, जुलाई के पहले 19 दिनों में मच्छरजनित बीमारियों के 36 नए मरीज भी दर्ज किए गए। इनमें डेंगू के 19, मलेरिया के 14, चिकनगुनिया का एक तथा फाल्सीपेरम मलेरिया के दो मामले शामिल हैं।
बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहरभर में निगरानी अभियान भी चलाया जा रहा है। एक से 19 जुलाई के दौरान 55483 रक्त नमूनों की जांच की गई, जबकि इस वर्ष अब तक 9.72 लाख से अधिक रक्त नमूनों की जांच हो चुकी है। 19 दिनों में डेंगू की जांच के लिए 2604 नमूने लिए गए, जबकि वर्ष में अब तक 28,725 नमूनों की जांच की जा चुकी है।पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी के लिए भी लगातार जांच की जा रही है। इस वर्ष अब तक 3.44 लाख से अधिक क्लोरीन टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें 135 स्थानों पर क्लोरीन की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई।
मनपा के अनुसार जिन क्षेत्रों में जल जनित या मच्छर जनित रोगों के मरीज मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग, एंटी-लार्वा गतिविधियां, मच्छरों की उत्पत्ति वाले स्रोतों को नष्ट करने, घर-घर सर्वे, दवा का छिड़काव तथा जनजागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।
शहर के स्टेडियम वार्ड में रामपीर टेकरा के निकट स्थित एक निर्माणाधीन कमर्शियल साइट पर मच्छरों की उत्पत्ति (ब्रीडिंग) मिलने के बाद कार्रवाई करते हुए मनपा ने साइट को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने गत गत सोमवार को संचालक को मच्छरों की ब्रीडिंग समाप्त करने और आवश्यक उपाय करने का नोटिस दिया था, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं होने पर मंंगलवार को एस्टेट विभाग ने पुलिस की मौजूदगी में साइट के सेक्टर-4 ए को सील कर दिया।