
ahmedabad: त्योहारों के दौरान मिठाई और फरसाण में मिलावट रोकने के लिए अहमदाबाद महानगरपालिका ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहर की मिठाई और फरसाण की दुकानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की प्राथमिक जांच के लिए परीक्षण किट रखना अनिवार्य होगा। ग्राहक को मिठाई की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर दुकान पर ही उसकी प्राथमिक जांच की जा सकेगी। स्थायी समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
सभी मिठाई और फरसाण विक्रेताओं को अपनी दुकान पर परीक्षण किट उपलब्ध रखने और उसका उचित उपयोग करने की हिदायत दी गई है।उन्होंने बताया कि परीक्षण किट के माध्यम से मिठाई में इस्तेमाल होने वाले मावे की शुद्धता तथा काजू कतरी जैसी मिठाइयों पर लगाए जाने वाले चांदी के वरख की गुणवत्ता की प्राथमिक जांच की जा सकेगी। इससे ग्राहक को मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता को लेकर प्राथमिक स्तर पर जांच का अवसर मिलेगा।
पटेल ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट अथवा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार जुर्माने सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के लिए हेल्पलाइन (155303) नंबर भी जारी किया है।00000
शहर की करीब 1100 होटल-रेस्टोरेंट के किचन में अब सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) ने होटल संचालकों को किचन में इस तरह कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। ऐसी जगह कैमरेलगाने होंगे जहां खाद्य पदार्थ तैयार करने की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट दिखाई दे।मनपा का कहना है कि इससे होटल में खाना तैयार होने की परिस्थितियों को लेकर ग्राहकों के बीच पारदर्शिता बढ़ेगी। यह जानकारी गुरुवार को मनपा की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक के बाद कमेटी अध्यक्ष कमलेश पटेल ने दी।पटेल ने बताया कि शहर की करीब 1100 होटलों के किचन में सीसीटीवी लगाने के लिए संबंधित होटल संचालकों को पत्र भेजा गया है। कैमरे ऐसी जगह लगाए जाने हैं, जहां से किचन की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दें। इसके लिए निर्धारित समयसीमा में व्यवस्था पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मनपा की इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य खाद्य पदार्थ तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। ग्राहक यह देख सकेंगे कि उनके लिए खाना किस स्थान पर और किस तरह की परिस्थितियों में तैयार किया जा रहा है। किचन में साफ-सफाई और कामकाज की स्थिति पर निगरानी रखने में भी यह व्यवस्था मददगार हो सकती है।