अहमदाबाद

Ahmedabad : असारवा में मावा की दुकान सील, 510 किलो की बिक्री पर रोक

मनपा के स्वास्थ्य एवं खाद्य विभाग ने गोमतीपुर के कोल्ड स्टोरेज से मावे के चार नमूने लिए थे। इनमें तुलसी मावा सेंटर का नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरा। आगे की जांच में पता चला कि इस मावे का उत्पादन राजस्थान के उदयपुर स्थित वल्लभनगर में किया जा रहा था।
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Updated: 2 Nov 2026, 10:16 PM IST
Ahmedabad news
घी की दुकान पर जांच करते मनपा कर्मी।

अहमदाबाद. दिवाली पर मिठाइयों की खरीदारी के बीच अहमदाबाद में मावे (खोया) की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में एक और गड़बड़ी सामने आई है। गोमतीपुर के कोल्ड स्टोरेज से पहले लिए गए नमूनों में शहर के असारवा स्थित तुलसी मावा सेंटर का मावा मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। ऐसे में विभाग ने सेंटर को सील करने के साथ उसका 510 किलो मावा को बेचने पर रोक लगा दी है। इससे पहले इसी कोल्ड स्टोरेज में 41,400 किलो मावे का स्टॉक जरूरी जानकारी के अभाव में बिक्री से रोका गया था। उधर, माधूपुरा में घी के 25 रैपिड टेस्ट भी किए गए, जिनमें वनस्पति फैट की मिलावट नहीं मिली। 11 नमूने विस्तृत जांच के लिए भेजे गए हैं। इस संबंध में अगले दिनों में पता चल सकेगा।

राजस्थान के उदयपुर से लाया गया था मावा

मनपा के स्वास्थ्य एवं खाद्य विभाग ने गोमतीपुर के कोल्ड स्टोरेज से मावे के चार नमूने लिए थे। इनमें तुलसी मावा सेंटर का नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरा। आगे की जांच में पता चला कि इस मावे का उत्पादन राजस्थान के उदयपुर स्थित वल्लभनगर में किया जा रहा था। वहीं से इस मावा को अहमदाबाद लाया जा रहा था। विभाग ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गुजरात और राजस्थान के खाद्य एवं औषधि विभाग को सूचना दी है। तुलसी मावा सेंटर से जुड़े सात मिठाई और चवाणा विक्रेताओं को भी यह मावा सप्लाई किया जाता था। ऐसे में उनके यहां पर भी जांच की जा रही है।

41 टन स्टॉक पर पहले ही रोक

गोमतीपुर कोल्ड स्टोरेज में राधिका फूड प्रोडक्ट्स से जुड़े रजवाड़ी स्वीट और इंडियन डेजर्ट के 41,400 किलो मावा के स्टॉक के पैकेटों पर बैच नंबर और एक्सपायरी तारीख जैसी जरूरी जानकारी नहीं मिली थी। इसके चलते विभाग ने उसे बिक्री के लिए रोक दिया था। साथ ही कंपनी को नोटिस जारी किया था। गौरतलब है कि इस कोल्डस्टोरेज में कई व्यापारियों का मिलकर एक लाख किलो से अधिक मावा था, जिसकी जांच की की गई। इसमें से 14 टन से अधिक मावे में अवधि पार की जानकारी नहीं थी। इसके चलते स्टॉक पर रोक लगाई थी।

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2 Nov 2026, 10:16 PM IST
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